US-Iran Deal: क्या होने जा रही है 'महाडील'? सीक्रेट मीटिंग की खबरों से बढ़ा सस्पेंस
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब ‘महाडील’ की खबरों ने सस्पेंस बढ़ा दिया है. गुप्त बैठकों और संभावित सीजफायर को लेकर दुनिया की नजरें इस बड़े घटनाक्रम पर टिकी हैं.

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब एक संभावित 'महाडील' की चर्चाएं तेज हो गई हैं. एक महीने से अधिक समय तक चले संघर्ष के बाद अब संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देश पर्दे के पीछे समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
रिपोर्ट्स के अनुसार, जहां एक तरफ सार्वजनिक मंचों पर सख्त बयानबाजी जारी है, वहीं दूसरी ओर बंद कमरों में गुप्त बातचीत चल रही है. इन चर्चाओं में युद्धविराम और रणनीतिक समझौते को लेकर सहमति बनने की खबरें सामने आ रही हैं.
गुप्त बैठकों की खबरें आईं सामने
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच कई स्तरों पर बातचीत जारी है. सूत्रों का कहना है कि पेंटागन से लेकर तेहरान तक, लगातार गोपनीय मीटिंग्स हो रही हैं.
बताया जा रहा है कि इन बैठकों में एक बड़े समझौते की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जो वैश्विक स्तर पर असर डाल सकती है.
न्यूक्लियर से हटकर होर्मुज पर फोकस
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन अब न्यूक्लियर मुद्दे से हटकर होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के सामने शर्त रखी है कि अगर वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खुला और सुरक्षित रखता है, तो अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई रोक सकता है.
सीजफायर को लेकर बढ़ी हलचल
व्हाइट हाउस के भीतर चल रही चर्चाओं में युद्धविराम सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत सीधे हो रही है या ओमान और कतर जैसे देशों के जरिए.
लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि इस दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं और शीर्ष स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं.
ट्रंप के ऐलान पर टिकी नजरें
इस पूरे घटनाक्रम के बीच दुनिया की नजरें अमेरिकी राष्ट्रपति के संबोधन पर टिकी हैं. बताया जा रहा है कि वह जल्द ही देश को संबोधित कर सकते हैं, जिसमें इस संघर्ष के अंत या बड़े फैसले का ऐलान संभव है.
बयानबाजी और हकीकत में अंतर
सार्वजनिक मंचों पर सख्त रुख अपनाते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा,'ईरान के नए शासन के राष्ट्रपति, जो उतने रेडिकल नहीं हैं, उन्होंने अभी-अभी संयुक्त राज्य अमेरिका से युद्धविराम की गुहार लगाई है! हम इस पर तभी विचार करेंगे जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला, स्वतंत्र और साफ होगा तब तक हम ईरान को पत्थर युग में वापस भेजने तक बमबारी जारी रखेंगे'.
हालांकि ईरान की ओर से इस दावे को खारिज किया गया है. ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने स्पष्ट कहा,'हमें अमेरिका के साथ कोई सीजफायर नहीं चाहिए और होर्मुज अमेरिका के लिए नहीं खुलेगा'.
मध्यस्थ देशों की भूमिका
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने यूएई और सऊदी अरब जैसे सहयोगी देशों से भी इस मुद्दे पर बातचीत की है. सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ हुई चर्चा में संभावित युद्धविराम पर विचार किया गया.
इससे संकेत मिलते हैं कि अमेरिका अब इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्ता तलाश रहा है.


