आयुष तुमने किडनी क्यों बेच दी? दोस्त से मिलते ही दोनों फूट-फूट कर रो पड़े
कानपुर किडनी कांड में अपनी किडनी बेचने वाले छात्र आयुष से मिलने उसकी दोस्त देहरादून से आई. ICU में पुलिस की मौजूदगी में दोनों की मुलाकात हुई. एक-दूसरे को देखते ही दोनों फफक-फफक कर रो पड़े.

कानपुर के किडनी ट्रांसप्लांट घोटाले में अपनी किडनी बेचने वाले छात्र आयुष कुमार से मिलने उसकी महिला मित्र देहरादून से पहुंची. पुलिस की मौजूदगी में दोनों की मुलाकात कराई गई. आमने-सामने होते ही दोनों भावुक हो गए और फफक-फफक कर रो पड़े. आयुष ने अपनी गलती मानते हुए बार-बार पछतावा जताया.
हैलट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती आयुष कुमार की दोस्त ने जब उससे पूछा कि आखिर तुमने अपनी किडनी क्यों बेची, मुझे बताते तो… तो माहौल पूरी तरह भावुक हो गया. दोनों कुछ देर तक सिर्फ रोते रहे और बोल नहीं पाए.
भावुक मुलाकात, आंसुओं में डूबा माहौल
पुलिस की निगरानी में हुई इस मुलाकात के दौरान आयुष की आंखों से लगातार आंसू बहते रहे. उसकी दोस्त भी खुद को संभाल नहीं पाई. आयुष ने बार-बार पछतावा जताया और कहा कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई. पुलिस के अनुसार, आयुष इस पूरे मामले को लेकर मानसिक रूप से बेहद दबाव में है.
मां को न बताने की गुहार
आयुष ने पुलिस से हाथ जोड़कर बार-बार अनुरोध किया कि इस घटना की जानकारी उसकी मां को न दी जाए. वह कहता रहा कि उसकी मां यह सब सह नहीं पाएंगी. घर से निकलते समय उसने परिवार को नौकरी के बहाने कानपुर आने की बात बताई थी.
दोस्त के सामने कबूली गलती
मुलाकात के दौरान आयुष ने अपनी दोस्त के सामने साफ कहा कि वह हालात से परेशान होकर यह कदम उठाने को मजबूर हुआ, लेकिन अब उसे अपने फैसले पर गहरा पछतावा है. दोस्त ने उसे समझाते हुए कहा कि ऐसे किसी भी फैसले से पहले उसे उससे या परिवार से बात करनी चाहिए थी.
आयुष कुमार और उसकी मित्र
पुलिस के मुताबिक, आयुष कुमार और उसकी मित्र दोनों देहरादून की एक यूनिवर्सिटी में साथ पढ़ाई कर रहे हैं. दोनों के बीच पहले से अच्छी जान-पहचान थी. घटना की खबर मिलते ही वह तुरंत कानपुर पहुंच गई और डॉक्टरों से आयुष की सेहत के बारे में भी जानकारी ली.
‘I Love You Mom’ का टैटू
आयुष के हाथ पर ‘I Love You Mom’ का टैटू बना हुआ है, जो उसकी मां के प्रति गहरे लगाव को दिखाता है. पूछताछ में उसने बताया कि वह अपनी मां से बहुत प्यार करता है और उन्हें किसी भी परेशानी में नहीं डालना चाहता था.
पिता की मौत के बाद बढ़ी जिम्मेदारी
आयुष ने पुलिस को बताया कि उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है. इसके बाद घर की सारी आर्थिक जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई थी. फीस और अन्य खर्चों को लेकर वह पिछले कई महीनों से तनाव में था. परिवार की जमीन पहले से गिरवी होने के कारण लोन भी नहीं मिल रहा था.
फीस न भर पाने का दबाव बना वजह
पूछताछ में सामने आया कि आयुष पिछले दो महीनों से कॉलेज की फीस नहीं जमा कर पा रहा था. कई जगहों से पैसे जुटाने की कोशिश नाकाम रही. इसी दौरान वह किडनी बेचने वाले नेटवर्क के संपर्क में आ गया. सौदा करीब 6 लाख रुपये में तय हुआ था, लेकिन ऑपरेशन के बाद उसे सिर्फ साढ़े तीन लाख रुपये ही मिले.
दोस्त ने जताई नाराजगी
मुलाकात के दौरान आयुष की दोस्त ने उसके फैसले पर नाराजगी जताई. उसने कहा कि अगर पैसे की इतनी जरूरत थी तो वह सीधे उससे या किसी और से मदद मांग सकता था. उसने यह भी बताया कि आयुष की मां इस समय काफी परेशान हैं और बेटे से मिलने के लिए उतावली हैं.


