शेयर बाजार में मंदी का दौर जारी, विदेशी निवेशकों की निकासी से बढ़ी चिंता! क्या जारी रहेगी गिरावट?

ग्लोबल बाजारों में कमजोरी और अमेरिका के टैरिफ ऐलान से निवेशकों में हलचल बढ़ गई है. विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी और अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर की आशंकाओं के चलते भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है. मंगलवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है.

Deeksha Parmar
Edited By: Deeksha Parmar

भारतीय शेयर बाजार इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है. ग्लोबल मार्केट में कमजोरी, अमेरिका के टैरिफ ऐलान और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण बाजार दबाव में नजर आ रहा है. लगातार पांचवें सत्र में गिरावट से निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं. सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, जिससे मार्केट में घबराहट का माहौल बना हुआ है.

मंगलवार को भी बाजार की शुरुआत सपाट हुई, लेकिन समय के साथ गिरावट तेज हो गई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. विदेशी निवेशकों की निकासी और अमेरिका में ट्रेड वॉर की आशंका से बाजार दबाव में आ गया है.

सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट  

घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट देखी गई. बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 201.06 अंकों की गिरावट के साथ 77,110.74 पर आ गया. एनएसई निफ्टी भी 79.55 अंक फिसलकर 23,302.05 के स्तर पर पहुंच गया.  सेंसेक्स में 300 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ.  

इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट  

सेंसेक्स की 30 में से कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. खासकर पावर ग्रिड, जोमैटो, टाटा मोटर्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील के शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ. हालांकि, कुछ कंपनियों के शेयर बढ़त में भी रहे. इंफोसिस, एचसीएल टेक, मारुति और आईटीसी के शेयरों ने मजबूती दिखाई.  

ग्लोबल बाजारों का असर  

वैश्विक बाजारों की बात करें तो चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त में दिखा. अमेरिका के बाजार सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड में भी हलचल देखी गई. यह 0.26% चढ़कर 76.07 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.  

रुपए की स्थिति में उतार-चढ़ाव  

मंगलवार को रुपया शुरुआती कारोबार में 61 पैसे मजबूत होकर 86.84 पर पहुंच गया. सोमवार को यह 87.45 के स्तर पर बंद हुआ था. हालांकि, व्यापार युद्ध की बढ़ती आशंकाओं के कारण रुपया हाल ही में 88 के स्तर के करीब पहुंच गया था. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 87.45 पर खुला और फिर सुबह के कारोबार में 86.84 तक मजबूत हो गया. वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के कारण मुद्रा बाजार में भी अस्थिरता बनी हुई है.  

क्या आगे और गिरेगा बाजार?  

अमेरिका के टैरिफ ऐलान और विदेशी निवेशकों की बिकवाली को देखते हुए बाजार में और गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है. ग्लोबल मार्केट के ट्रेंड और अमेरिकी नीतियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है. आने वाले दिनों में बाजार की दिशा ग्लोबल संकेतों और घरेलू आर्थिक नीतियों पर निर्भर करेगी. 

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