ट्रंप टैरिफ से पहले भारत की GDP में चौंकाने वाली वृद्धि, पहली तिमाही में 7.8% रही ग्रोथ रेट

अमेरिकी टैरिफ संकट के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रही है. यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.3% अधिक है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

अमेरिकी टैरिफ संकट के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रही है. यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.3% अधिक है. हालांकि, अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया था कि इस तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 6.7% रह जाएगी और यह धीमी होती रहेगी, क्योंकि अमेरिकी टैरिफ में वृद्धि से भारतीय निर्यातकों और नौकरियों को खतरा है.

दूसरी तिमाही में हो सकता है बड़ा नुकसान

बताते चलें कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ अगस्त में प्रभावी हुए हैं. इससे भारत की जीडीपी पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है. हालांकि, भारत सरकार ने टैरिफ के असर को कम करने के लिए जीएसटी में कटौती से लेकर नए बाजारों की तलाश तक कई बड़े कदम उठाए हैं.

अमेरिका और भारत के बीच 2024 में 129.2 अरब डॉलर का कुल व्यापार था. इस दौरान अमेरिका ने भारत को 41.8 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट किया, जबकि भारत ने अमेरिका को 87.4 अरब डॉलर एक्सपोर्ट किया. टैरिफ की वजह से इंडिया से निर्यात होने वाली तमाम चीजें अमेरिका में महंगी हो जाएंगी, जिसका सीधा असर एक्सपोर्ट पर पड़ेगा.

भारत से क्या-क्या इंपोर्ट करता है अमेरिका?

अमेरिका भारत से करीब 68,520 करोड़ रुपए की मेडिसिन, 72800 करोड़ रुपए के रत्न और आभूषण, 34260 करोड़ रुपए के टेक्सटाइल्स पेट्रोकेमिकल्स और ऑटो सेक्टर से जुड़े सामान खरीदता है. फिलहाल अमेरिका इन सभी पर करीब तीन प्रतिशत का टैरिफ वसूलता है, लेकिन टैरिफ बढ़ने से निश्चित तौर पर इन चीजों की कीमतें अमेरिका में आसमान छूने लगेंगी. 

रत्न और आभूषणों में भारत की भूमिका

भारत रत्न और गहनों के निर्यात में दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल है. भारत हर साल करीब 33 अरब डॉलर के रत्न और आभूषण विदेश भेजता है, जिसमें से 30% यानी 9.9 अरब डॉलर का निर्यात अकेले यूएस को किया जाता है. इनमें कटे और पॉलिश किए गए हीरे, सोने के गहने और हीरे जड़े गहने शामिल हैं.

दवा निर्यात पर हो सकता है असर

भारत जेनेरिक दवाओं का यूएस में 47% हिस्सा सप्लाई करता है. ये दवाएं अमेरिका की हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा रोल निभाती हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत की ये दवाएं कम कीमत पर मिलती हैं, इसलिए अमेरिका में इनकी डिमांड काफी ज्यादा रहती है.

कपड़ा उद्योग के सामने बड़ी चुनौती

अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ लागू होने के बाद भारत के टैक्सटाइल उद्योग को बड़ा झटका लगा है. कई जगहों पर प्रोडक्शन रोक दिया गया है. इससे लोगों के रोजगार पर संकट गहरा गया है. हालांकि, भारत सरकार ने करीब 40 देशों के साथ डील करने पर चर्चा शुरू कर दी है, जिससे कि अमेरिका के टैरिफ का असर कम किया जा सके. इसके अलावा, लेदर, झींगा समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी असर दिखना शुरू हो गया है.

 

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