नए नियमों की तैयारी में नाकाम रही इंडिगो, मूडीज़ ने बताया गंभीर प्लानिंग फेल्योर

एविएशन सेक्टर में मची उथल-पुथल के बीच, मूडीज़ रेटिंग्स ने इंडिगो की हालिया उड़ान अव्यवस्था को कंपनी की गंभीर प्लानिंग चूक बताया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

एविएशन सेक्टर में मची उथल-पुथल के बीच, मूडीज़ रेटिंग्स ने इंडिगो की हालिया उड़ान अव्यवस्था को कंपनी की गंभीर प्लानिंग चूक बताया है. ग्लोबल रेटिंग एजेंसी के अनुसार, एयरलाइन पहले से तय किए गए नियमों को लागू करने की तैयारी करने में असफल रही, जिसके कारण भारी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और कंपनी को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है. मूडीज़ ने इस स्थिति को इंडिगो के लिए ‘क्रेडिट नेगेटिव’ करार दिया है.

उड़ान रद्दीकरण से बढ़ी मुश्किलें

साल के सबसे व्यस्त शीतकालीन सीजन में इंडिगो की संचालन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई. 2 दिसंबर से शुरू हुई समस्या 5 दिसंबर तक चरम पर पहुंच गई, जब एयरलाइन को एक ही दिन में 1,600 से अधिक उड़ानें बंद करनी पड़ीं. इससे पहले नवंबर में भी लगभग 1,200 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं. 500 से ज्यादा उड़ानें सोमवार को भी रद्द रहीं. इन घटनाओं से यात्रियों की परेशानी बढ़ी, साथ ही कंपनी पर रिफंड, मुआवज़े और संभावित जुर्माने का बोझ भी आ गया.

मूडीज़ ने स्पष्ट कहा कि उड़ानों में देरी और रद्दीकरण से इंडिगो की कमाई में बड़ी गिरावट आएगी. इसके अलावा, डीजीसीए द्वारा संभावित पेनल्टी लगाए जाने से वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है.

योजना बनाने में बड़ी चूक

एजेंसी का कहना है कि नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों की जानकारी पूरे विमानन उद्योग को एक साल से भी पहले दे दी गई थी. इसके बावजूद, इंडिगो अपने सिस्टम, क्रू प्रबंधन और शेड्यूलिंग को नए मानकों के अनुरूप ढालने में नाकाम रहा. नियमों के अनुसार, आधी रात से सुबह 6 बजे तक की किसी भी ड्यूटी को ‘नाइट ऑपरेशन’ माना गया है और 24 घंटे में पायलटों की लैंडिंग सिमाएं काफी घटाई गई हैं. इनका उद्देश्य सुरक्षा और पायलट थकान को कम करना है, लेकिन इनके लागू होने से एयरलाइन के ऑपरेशन मॉडल में भारी बदलाव की जरूरत थी.

DGCA की फटकार और अस्थायी राहत

डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ इसिड्रो पोरक्वेरस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. साथ ही, मंत्रालय ने 7 दिसंबर तक सभी यात्रियों को बिना किसी शुल्क के रिफंड देने का आदेश दिया है. हालांकि इंडिगो को 10 फरवरी 2026 तक FDTL नियमों में अस्थायी राहत मिली है, लेकिन हर 15 दिन में इसकी समीक्षा की जाएगी.

इंडिगो की रेटिंग और आगे का रास्ता

मूडीज़ ने कंपनी की मानव संसाधन प्रबंधन क्षमता को लेकर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि पायलटों की कमी व धीमी भर्ती प्रक्रिया ने संकट को और गहरा किया. हालांकि इंडिगो की समग्र Baa3 रेटिंग बरकरार है, लेकिन एजेंसी का मानना है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में लाभप्रदता पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

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