शेयर मार्केट में मचा हाहाकार...1300 अंक टूटा सेंसेक्स, NIFTY 23900, निवेशकों के 5 लाख करोड़ डूबे
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को बड़ा भूचाल आया. जहां सेंसेक्स 1,300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया. वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये स्वाहा कर दिए.

नई दिल्ली: मंगलवार की संक्षिप्त राहत के बाद दलाल स्ट्रीट पर बुधवार को फिर से निराशा का माहौल रहा. बाजार खुलने के साथ ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया. सेंसेक्स 76,863.71 पर बंद हुआ. जबकि निफ्टी 23,900 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार नहीं कर सका. इस गिरावट ने ऑटो. बैंकिंग और आईटी सेक्टर के निवेशकों को गहरी चोट पहुंचाई है. विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली ने घरेलू बाजार की कमर तोड़ दी है.
निवेशकों के 5 लाख करोड़ डूबे
दरअसल, बुधवार की गिरावट ने निवेशकों की गाढ़ी कमाई पर बड़ा प्रहार किया है. मंगलवार को जहाँ निवेशकों ने 6 लाख करोड़ रुपये कमाए थे. वहीं बुधवार को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घटकर 441.90 लाख करोड़ रुपये रह गया. सेंसेक्स के शीर्ष 30 शेयरों में से केवल दो ही हरे निशान में रहे. जबकि 28 स्टॉक्स में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गजों में 1.4% तक की गिरावट देखी गई.
एफआईआई की निरंतर बिकवाली
बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली है. 10 मार्च को भी इन निवेशकों ने लगभग 4,673 करोड़ रुपये के शेयर बाजार में बेचे. हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 6,333 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की. लेकिन विदेशी फंडों की निकासी का दबाव इतना अधिक था कि बाजार संभल नहीं सका. यह निकासी बाजार की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है.
हमलों ने निवेशकों को चिंतित कर दिया
वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने भारतीय बाजार को तनाव में रखा है. संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हमलों ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है. हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने संघर्ष जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई है. लेकिन युद्ध की खबरों ने वैश्विक बाजार में जोखिम बढ़ा दिया है. निवेशकों को डर है कि यदि यह तनाव लंबा खिंचा, तो कच्चे तेल की आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
इंडिया वीआईएक्स में उछाल
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स (India VIX) बुधवार को 8% से अधिक बढ़कर 20.5 के स्तर पर पहुंच गया. वीआईएक्स का बढ़ना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि निवेशक आने वाले समय में बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर रहे हैं. जब भी वीआईएक्स में तेजी आती है. बाजार में डर का माहौल बढ़ जाता है. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार. भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहने तक बाजार इसी तरह के दबाव में रह सकता है.
वैश्विक शेयरों को थोड़ी राहत मिली
इन सबके बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट ने बाजार को थोड़ी उम्मीद भी दी है. रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अपने रिकॉर्ड तेल भंडार से निकासी का प्रस्ताव दिया है. इससे कच्चे तेल की कीमतों में कुछ गिरावट आई है. जिससे वैश्विक शेयरों को थोड़ी राहत मिली है. हालांकि घरेलू बाजार में प्रॉफिट बुकिंग और स्थानीय कारकों के कारण बुधवार को बिकवाली का दौर हावी रहा, जिससे रिकवरी संभव नहीं हो पाई.


