स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में थाईलैंड शिप पर ईरान ने किया मिसाइलों से हमला...20 क्रू मेंबर बचाए गए, 3 लापता
मिडिल ईस्ट में जारी जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है, ईरान पूरी तरह से अमेरिका और इजरायल को जवाब देने के लिए तैयार है. इस बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास थाईलैंड के कार्गों शिप पर हमला कर दिया. जिस समय थाई शिप को निशाना बनाया गया उस दौरान शिप पर कुल 23 क्रू मेंबर्स सवार थे. इसमें से 20 क्रू को बचा लिया गया है. जबकि तीन लापता हैं.

नई दिल्ली : ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा सैन्य संघर्ष अब समुद्री व्यापारिक मार्गों के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है. बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव उस समय चरम पर पहुँच गया जब एक बड़ा थाई मालवाहक जहाज हमले की चपेट में आ गया. यह घटना सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस समुद्री क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा को उजागर करती है. रॉयल थाई नेवी ने इस हमले की पुष्टि करते हुए विस्तृत रिपोर्ट जारी की है. जो वैश्विक समुद्री व्यापार जगत में चिंता पैदा कर रही है.
जहाज पर कुल 23 चालक दल के सदस्य...
आपको बता दें कि थाई कंपनी प्रेशियस शिपिंग पीसीएल का विशाल मालवाहक जहाज 'मयूरी नारी' जब इस संवेदनशील क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उसे निशाना बनाया गया. जहाज पर कुल 23 चालक दल के सदस्य सवार थे. हमले के तुरंत बाद शुरू किए गए व्यापक बचाव अभियान में 20 सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. हालांकि. तीन क्रू मेंबर्स अभी भी लापता हैं. जिनकी तलाश के लिए निरंतर सर्च ऑपरेशन जारी है. हमले के समय जहाज के मुख्य हिस्से में भीषण आग लगने की भी सूचना है.
खलीफा से कांडला जा रहा था जहाज
दरअसल, यह मालवाहक जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खलीफा बंदरगाह से अपनी यात्रा शुरू कर भारत के गुजरात स्थित कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था. रास्ते में होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करते समय यह अप्रत्याशित हमला हुआ. भारत के लिए आ रहे इस जहाज पर हमले ने दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के बीच व्यापारिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना ने साबित कर दिया है कि युद्ध की लपटें अब निर्दोष व्यापारिक जहाजों को भी अपनी चपेट में ले रही हैं.
रॉयल थाई नेवी का आधिकारिक बयान
रॉयल थाई नेवी द्वारा जारी की गई तस्वीरों और आधिकारिक बयान के अनुसार. जहाज के ऊपरी ढांचे और पतवार को बहुत ही गंभीर नुकसान पहुँचा है. जारी तस्वीरों में जहाज से निकलता गहरा काला धुआं और आसपास के पानी में तैरती लाइफ बेड़ियां भयावह मंजर बयां कर रही हैं. थाई नेवी ने स्पष्ट किया है कि वे स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और लापता सदस्यों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है. यह हमला थाईलैंड के समुद्री इतिहास की एक बड़ी घटना बन गई है.
क्षेत्र में बढ़ता सामरिक सैन्य तनाव
ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध हर बीतते दिन के साथ और भी अधिक खतरनाक स्तर पर पहुँचता दिख रहा है. ईरान सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी कड़ी पैनी नजर बनाए हुए है. क्योंकि यहाँ से वैश्विक व्यापार का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमलों का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अपनी सैन्य ताकत का अहसास कराना और व्यापारिक मार्गों पर दबाव बनाना है. इस क्षेत्र में युद्ध के बादल अब और गहरे हो गए हैं.
हमले के पीछे की जांच जारी
रॉयल थाई नेवी ने बताया कि हमले के वास्तविक कारणों और इसके पीछे के तकनीकी विवरणों की अभी गहन जांच की जा रही है. हालांकि प्राथमिक सूचनाओं में ईरान की संलिप्तता की ओर सीधा संकेत किया जा रहा है. लेकिन अभी तक किसी भी विशिष्ट सशस्त्र समूह या संगठन ने आधिकारिक रूप से इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. इस अनिश्चितता ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा संगठनों को हाई अलर्ट पर रहने के लिए मजबूर कर दिया है ताकि भविष्य में ऐसे समुद्री हमलों को प्रभावी ढंग से रोका जा सके.


