UPI से निकलेगा PF का पैसा...एक ही जगह चेक कर पाएंगे बैलेंस और पासबुक डिटेल्स, 100 डमी अकाउंट्स पर चला रहा ट्रायल
EPFO जल्द ही करीब 8 करोड़ लोगों को बड़ा तोहफा देने जा रहा है. जिससे अब आप EPF की राशि UPI के माध्यम से सीधे बैंक खाते की तरह निकाल सकेंगे. EPFO अप्रैल 2026 में एक नया मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करने जा रहा है, जिससे पीएफ निकालने में जो दिक्कतें होती हैं, वो दूर हो जाएंगी.

नई दिल्ली : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आ रहा है. लंबे समय से पीएफ निकासी के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने और ऑनलाइन पोर्टल पर हफ्तों इंतजार करने वाली समस्या अब इतिहास बनने वाली है. अप्रैल 2026 से ईपीएफओ एक नया मोबाइल एप्लिकेशन पेश करने जा रहा है, जो भविष्य निधि प्रबंधन में बड़ा क्रांतिकारी बदलाव लाएगा. अब सदस्य अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा महज एक यूपीआई पिन दर्ज कर सीधे अपने बैंक खाते में तुरंत प्राप्त कर पाएंगे.
करोड़ों सदस्यों को बेहतरीन सुविधाएं देने की तैयारी
आपको बता दें कि श्रम मंत्रालय के उच्च सूत्रों के अनुसार, इस नई प्रणाली के तहत ईपीएफओ अपने करोड़ों सदस्यों को आधुनिक बैंकिंग स्तर की बेहतरीन सुविधाएं देने की तैयारी में जुटा है. नए नियमों के लागू होने के बाद पीएफ फंड का एक निश्चित हिस्सा भविष्य के लिए अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखा जाएगा, जबकि शेष बड़ी राशि तुरंत निकासी के लिए उपलब्ध रहेगी. चूंकि ईपीएफओ के पास खुद का बैंकिंग लाइसेंस नहीं है, इसलिए वह यूपीआई के सुरक्षित गेटवे का उपयोग कर पैसे सीधे सदस्य के खाते में पहुंचाएगा.
जटिल क्लेम प्रक्रिया का जल्द होगा अंत
दरअसल, वर्तमान में पीएफ निकालने की प्रक्रिया काफी उबाऊ और समय लेने वाली साबित होती है. सदस्यों को यूएएन पोर्टल या उमंग ऐप पर जाकर क्लेम फाइल करना पड़ता है, जिसके सेटलमेंट में कई दिनों का वक्त लग जाता है. ऑटो-सेटलमेंट के बावजूद लंबी आवेदन प्रक्रिया की अनिवार्यता बनी रहती है, जिससे कई बार तकनीकी दिक्कतें आती हैं. लेकिन नया ऐप आते ही यह सारा झंझट खत्म हो जाएगा. सदस्य अपनी पासबुक को रियल टाइम में देख सकेंगे और यूपीआई पिन के जरिए पैसा बैंक पहुंच जाएगा.
डमी खातों पर सफल ट्रायल
तकनीकी खामियों को पूरी तरह दूर करने के लिए ईपीएफओ ने अपनी तैयारियां अब युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं. वर्तमान में इस नई आधुनिक प्रणाली का व्यापक और सफल परीक्षण 100 डमी खातों पर किया जा रहा है. इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आधिकारिक लॉन्च के वक्त कोई भी ट्रांजैक्शन फेल न हो. यदि यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहता है, तो श्रम मंत्रालय अप्रैल 2026 में इसका विधिवत शुभारंभ करेगा. इसके लिए सरकार एक बड़ा जागरूकता अभियान भी चलाएगी.
भारी वर्कलोड से मिलेगी राहत
ईपीएफओ पर वर्तमान में प्रशासनिक काम का भारी बोझ रहता है. करीब 8 करोड़ सक्रिय सदस्यों के साथ हर साल 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम दर्ज किए जाते हैं. इनमें से अधिकतर आवेदन केवल पीएफ की आंशिक या पूर्ण निकासी से संबंधित होते हैं. इतनी बड़ी संख्या में दावों का डिजिटल निपटारा करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है. नया यूपीआई आधारित सिस्टम इस बोझ को काफी हद तक कम कर देगा. जब प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित होगी, तो ईपीएफओ कर्मचारी अन्य महत्वपूर्ण कार्यों पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे.
बैंकिंग सेवाओं के समकक्ष लक्ष्य
केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य ईपीएफओ की डिजिटल सेवाओं को निजी बैंकिंग एप्स के बराबर सुगम और तेज बनाना है. इस पहल से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि आम आदमी को अपनी मेहनत की जमा पूंजी पाने के लिए किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं होगी. एआई और आधुनिक तकनीक की मदद से अब एटीएम से भी पीएफ पैसे निकालने की नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. यह ऐतिहासिक कदम देश के करोड़ों कामकाजी लोगों के वित्तीय प्रबंधन और आर्थिक सुरक्षा को और सशक्त बनाएगा.


