ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप केस में ईडी ने सोनू सूद से करीब 7 घंटे तक की पूछताछ
ED Betting Case: ED ने बुधवार को अभिनेता सोनू सूद से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सात घंटे पूछताछ की. यह मामला 1xBet सट्टेबाजी ऐप से जुड़ा है. सोनू सूद दोपहर 12 बजे दिल्ली कार्यालय पहुंचे, जहां PMLA के तहत उनका बयान दर्ज हुआ. कई क्रिकेटर और इनफ्लुएंसर भी जांच के दायरे में हैं.

ED Betting Case: ED ने बुधवार को अभिनेता सोनू सूद से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब सात घंटे तक पूछताछ की. यह मामला चर्चित ऑनलाइन सट्टेबाजी एप 1xBet से जुड़ा हुआ है. सोनू सूद दोपहर करीब 12 बजे अपने कानूनी सलाहकारों के साथ एजेंसी के केंद्रीय दिल्ली स्थित कार्यालय पहुंचे और शाम 7 बजे रवाना हुए. प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक यह पूछताछ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई. जांच के दौरान सोनू सूद का बयान दर्ज किया गया. इससे पहले कई नामचीन क्रिकेटर, अभिनेता और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से भी इसी मामले में पूछताछ की जा चुकी है.
कई सेलिब्रिटीज से पहले भी हो चुकी है पूछताछ
ED इस मामले में पहले ही पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना, शिखर धवन, रोबिन उथप्पा और युवराज सिंह के अलावा तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद और अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती तथा बंगाली अभिनेता अंकुश हजरा से पूछताछ कर चुकी है. जांच एजेंसी ने बताया कि कई महिला सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से भी इस सिलसिले में पूछताछ की गई है.
करोड़ों रुपये की ठगी और टैक्स चोरी की जांच
1xBet एप की जांच ED द्वारा उन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ व्यापक अभियान का हिस्सा है जो आम जनता से करोड़ों रुपये की ठगी और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष करों की चोरी में लिप्त पाए गए हैं. ED का कहना है कि यह एप क्युरासाओ में रजिस्टर्ड है और खुद को एक वैश्विक सट्टेबाजी ब्रांड बताता है, जो 18 वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय है. इसकी वेबसाइट और ऐप 70 भाषाओं में उपलब्ध है.
संपत्तियों पर चार्जशीट दाखिल और जांच पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक ED अब उन व्यक्तियों की संपत्तियों को अटैच करने की तैयारी कर रही है, जिन्होंने इस एप के प्रमोशनल एक्टिविटीज से कमाए गए कथित अवैध धन का इस्तेमाल किया है. जांच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी.
जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि इन सेलिब्रिटीज से इस सट्टेबाजी कंपनी ने कैसे संपर्क किया, संपर्क का माध्यम कौन था, भुगतान नकद में हुआ या बैंकिंग चैनल से, भुगतान भारत में हुआ या विदेश में? अधिकारियों ने कहा कि हम सभी संबंधित ईमेल्स, कॉन्ट्रैक्ट्स और दस्तावेजों की कॉपी मांग रहे हैं ताकि पता चल सके कि यह पैसा मनी लॉन्ड्रिंग के तहत 'proceeds of crime' की श्रेणी में आता है या नहीं.
ED यह भी पूछ रही है कि क्या इन हस्तियों को यह जानकारी थी कि भारत में ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और गेमिंग अवैध है. उनसे यह भी पूछा गया कि क्या उन्होंने किसी वकील या सलाहकार से इस बारे में कानूनी राय ली थी.
केंद्र सरकार की सख्ती और ऑनलाइन सट्टेबाजी पर प्रतिबंध
हाल ही में केंद्र सरकार ने रियल मनी ऑनलाइन गेमिंग पर रोक लगाने के लिए नया कानून लागू किया है. ED ने भी नीति स्तर पर निर्णय लिया है कि अवैध सट्टेबाज़ी और गेमिंग से जुड़े वित्तीय अपराधों की जांच के लिए 'Focused Strategies' अपनाई जाएंगी.
एक अनुमान के मुताबिक प्रतिबंध से पहले देश में लगभग 22 करोड़ लोग ऐसे ऑनलाइन सट्टेबाज़ी ऐप्स का उपयोग कर रहे थे, जिनमें से करीब आधे नियमित उपयोगकर्ता थे. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में यह बाज़ार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का था और सालाना 30% की दर से बढ़ रहा था.


