हरियाणा में श्रेयस तलपड़े और आलोकनाथ के खिलाफ FIR दर्ज, करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला
हरियाणा के सोनीपत में बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ समेत 13 लोगों पर धोखाधड़ी और विश्वासघात का मामला दर्ज हुआ है. शिकायतकर्ता ने "ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी" पर करोड़ों की ठगी का आरोप लगाया है, जो निवेशकों को फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं के जरिए लुभाती थी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

हरियाणा के सोनीपत में बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. इन दोनों अभिनेताओं सहित 13 लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(2), और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
मामले की मुख्य शिकायत
मामला सोनीपत के रहने वाले विपुल अंतिल द्वारा दर्ज करवाया गया, जिन्होंने शिकायत में 'ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी' पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. यह सोसाइटी 16 सितंबर 2016 से "मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट, 2002" के तहत इंदौर में पंजीकृत है और हरियाणा समेत कई राज्यों में कार्यरत है.
निवेशकों को धोखे में रखा
शिकायतकर्ता का कहना है कि सोसाइटी ने फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) योजनाएं पेश की और निवेश पर उच्च रिटर्न का वादा किया. लेकिन, यह कथित तौर पर मल्टी-लेवल मार्केटिंग मॉडल के तहत काम कर रही थी, जिसमें एजेंटों को नए निवेशक लाने के लिए भारी प्रोत्साहन दिए जाते थे. शिकायत में कहा गया कि सोसाइटी ने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया कि उनकी धनराशि सुरक्षित है और राशि समय पर दी जाएगी. लेकिन, धीरे-धीरे एजेंटों के प्रोत्साहन बंद कर दिए गए और निवेशकों को उनकी राशि देने में देरी होने लगी. इसके बाद, मालिकों ने अपने फोन बंद कर दिए और कार्यालयों को बंद कर दिया.
हरियाणा में 250 से अधिक 'सुविधा केंद्र'
शिकायत के अनुसार, सोसाइटी का हरियाणा में मुख्यालय महेंद्रगढ़ में था और यह राज्य भर में 250 से अधिक सेवा केंद्र ('सुविधा केंद्र') चला रही थी. सोसाइटी ने कई शहरों में एंबुलेंस यूनिट और मोबाइल एटीएम वैन जैसी सेवाएं भी प्रदान की. साथ ही, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आलीशान होटलों में 'प्रशिक्षण' कार्यक्रम के नाम पर सामाजिक आयोजन किए.
4 करोड़ और 33 लाख का नुकसान
शिकायतकर्ता विपुल अंतिल ने बताया कि उन्होंने सोसाइटी में 33 लाख रुपये की एफडी जमा की थी, जबकि उनके भाई अमित, जो एक सुविधा केंद्र का संचालन करते थे, उन्होंने परिवार और रिश्तेदारों की ओर से लगभग 4 करोड़ रुपये जमा किए थे. अब ये सभी निवेशक अपनी धनराशि वापस मांग रहे हैं.
पुलिस की जांच
मुरथल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजीत सिंह ने बताया कि शिकायत सोसाइटी के खिलाफ है, जिसने लोगों को निवेश के लिए फंसाया. श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ की भूमिका की जांच की जाएगी.


