'ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने 50 से भी कम हथियारों का किया इस्तेमाल', IAF उप प्रमुख ने किया बड़ा खुलासा

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने मई 2025 में PoK स्थित आतंकी शिविरों पर सटीक हमले किए. एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने खुलासा किया कि 50 से कम हथियारों से पाकिस्तान को युद्धविराम पर राज़ी कराया गया. चार दिन चली सीमा-पार झड़पों के बाद संघर्ष थमा. राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की वायु रक्षा क्षमताओं को और सुदृढ़ करने की घोषणा की.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

Indian Air Force strike: भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने शनिवार को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े नए फुटेज और अहम जानकारियां सार्वजनिक कीं. यह सैन्य कार्रवाई मई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) स्थित आतंकी शिविरों के खिलाफ की गई थी. इस ऑपरेशन को पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद अंजाम दिया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी.

50 से भी कम हथियारों से मिली सफलता

एयर मार्शल तिवारी ने बताया कि इस कार्रवाई में वायुसेना ने 50 से भी कम हथियारों का इस्तेमाल किया और पाकिस्तान को युद्धविराम समझौते पर राजी होने के लिए मजबूर कर दिया. उनके अनुसार, शुरुआत में कई संभावित लक्ष्यों की सूची बनाई गई थी, लेकिन रणनीतिक दृष्टि से केवल 9 लक्ष्यों को चुनकर उन पर सटीक हमला किया गया. उन्होंने कहा कि मुख्य बात यह है कि सीमित हथियारों के इस्तेमाल से हम बड़े स्तर पर संघर्ष रोकने में सफल रहे. यही इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी उपलब्धि है.

ऑपरेशन की तैयारी 

वायुसेना उप प्रमुख ने खुलासा किया कि पहलगाम हमले के तुरंत अगले दिन तीनों सेनाओं के मुख्यालयों में बैठक हुई और कई संभावित विकल्पों पर चर्चा शुरू हो गई. 24 अप्रैल को उच्च स्तरीय टीम को ऑपरेशनल विकल्प प्रस्तुत किए गए. 29 अप्रैल तक सामरिक योजना को अंतिम रूप दे दिया गया था. आखिरकार 5 मई की तारीख तय हुई और 6, 7 और 9 मई की सुबह भारतीय वायुसेना ने आतंकी ठिकानों पर हमले किए.

ऑपरेशन सिंदूर के तीन स्पष्ट उद्देश्य

तिवारी ने बताया कि नई दिल्ली से दिए गए निर्देशों में तीन मुख्य लक्ष्य निर्धारित किए गए थे.

1. प्रतिक्रिया मजबूत और स्पष्ट दिखाई देनी चाहिए.

2. यह कार्रवाई भविष्य के आतंकी हमलों के खिलाफ निवारक संदेश बने.

3. सशस्त्र बलों को पूर्ण परिचालन स्वतंत्रता मिले, साथ ही पारंपरिक युद्ध की स्थिति में तैयारियां भी बरकरार रहें.

पाकिस्तान के पलटवार पर भारत का जवाब

भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने 8 से 10 मई के बीच भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की. हालांकि भारतीय सेना ने कई पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर कड़े और प्रभावी जवाबी हमले किए. चार दिनों तक सीमा पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच तनावपूर्ण हालात बने रहे. अंततः 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए सहमति बनी.

राजनाथ सिंह का बयान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि आधुनिक युद्धों में वायु रक्षा क्षमता का महत्व कई गुना बढ़ गया है. उन्होंने ‘सुदर्शन चक्र मिशन’ को भविष्य में भारत की सुरक्षा रणनीति का परिवर्तनकारी कदम बताया. राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत का वायु रक्षा कवच अब केवल रक्षात्मक नहीं होगा, बल्कि इसमें आक्रामक क्षमताएं भी शामिल की जा रही हैं.

प्रधानमंत्री की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में सुदर्शन चक्र एयरडोम बनाने की घोषणा की थी. यह घोषणा ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने सीमा पर भारतीय परिसंपत्तियों को निशाना बनाने की धमकी दी थी.

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