खरगे जी को बैठकर नारे लगाने की अनुमति दे दीजिए...राज्यसभा में भाषण के दौरान ऐसा क्यों बोले PM मोदी
राज्यसभा में पीएम मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दे रहे हैं. इस बीच कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने वेल में आकर जोरदार हंगामा और नारेबाजी की. इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने अपना भाषण जारी रखा. इस दौरान पीएम मोदी ने खड़गे पर चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें सदन में बैठे-बैठे भी नारे लगाने की अनुमति दे दी जाए.

नई दिल्ली : संसद का मौजूदा बजट सत्र राजनीतिक घमासान का अखाड़ा बना हुआ है. बुधवार को लोकसभा में हुए भारी शोर-शराबे के चलते प्रधानमंत्री का संबोधन टल गया था, लेकिन आज यानी गुरुवार को राज्यसभा में पीएम मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दे रहे हैं. इस बीच विपक्ष ने सदन में नारेबाजी और वॉकआउट का रास्ता चुना, हालांकि, प्रधानमंत्री भाषण दे रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी ने खड़गे पर चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें सदन में बैठे-बैठे भी नारे लगाने की अनुमति दे दी जाए.
विपक्ष ने हंगामे के बाद किया वॉकआउट
मल्लिकार्जुन खरगे पर तीखा तंज
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर कटाक्ष किया. उनकी उम्र का हवाला देते हुए मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा कि उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें सदन में बैठे-बैठे भी नारे लगाने की अनुमति दे दी जाए. वे सदन में बैठ कर भी नारे लगा सकते हैं.
#WATCH | As Opposition MPs create ruckus in Rajya Sabha, PM Modi says, "...Looking at the age of Kharge ji, I urge you, the Chairman, to let him sit and sloganeer so that he faces no discomfort. There are young people at the back. So, please permit Kharge ji to sloganeer even… pic.twitter.com/KftNfomdyh
— ANI (@ANI) February 5, 2026
PM मोदी ने युवा शक्ति की जमकर सराहना की
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की युवा शक्ति की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि आज के नौजवान ही भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं. देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है और हर क्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ा है. मोदी के अनुसार, भारत आज वैश्विक स्तर पर हर चुनौती का समाधान दे रहा है. युवा पीढ़ी का अटूट सामर्थ्य ही विकसित भारत के सपने को साकार करने और हर लक्ष्य को प्राप्त करने की मुख्य धुरी है.
यह समय विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण
मोदी ने 21वीं सदी के इस दूसरे कालखंड को बेहद निर्णायक बताया. उन्होंने इसकी तुलना पिछली शताब्दी में आजादी की जंग के दूसरे क्वार्टर से की. प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जैसे वह समय स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण था, वैसे ही यह समय 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए सामर्थ्यवान साबित होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब देश को न रुकना है और न पीछे मुड़कर देखना है. भारत को अब केवल लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में तेज गति से चलना है.


