भारत वैश्विक दक्षिण का बना लीडर! हाल ही में हुए 9 बड़े डील्स को लेकर पीएम मोदी ने संसद में दी जानकारी
राज्यसभा में जारी बजट सत्र के दौरान पीएम मोदी ने अपने महत्वपूर्ण संबोधन में वैश्विक व्यापर को लेकर कई बड़ी जानकारियां साझा की है. उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक दक्षिण की अग्रणी आवाज बन चुका है.

नई दिल्ली: बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महत्वपूर्ण संबोधन दिया. उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक दक्षिण की अग्रणी आवाज बन चुका है. पीएम मोदी ने जोर देकर बताया कि भारत ने हाल के समय में 9 बड़े व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाते हैं.
वैश्विक दक्षिण में भारत की मजबूत भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया अब ग्लोबल साउथ की बात कर रही है, लेकिन भारत इसकी बुलंद आवाज बन गया है. विकासशील देशों की चिंताओं, जरूरतों और अधिकारों को वैश्विक मंचों पर भारत मजबूती से उठा रहा है. पीएम मोदी ने बताया कि नई विश्व व्यवस्था में झुकाव भारत की तरफ है. भारत चुनौतियों का समाधान देने वाला देश बन रहा है और दुनिया के लिए आशा की किरण है.
फ्यूचर-रेडी व्यापार समझौते
पीएम मोदी ने कहा कि भारत भविष्य के लिए तैयार व्यापार समझौते कर रहा है. हाल ही में 9 प्रमुख व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं. इनमें यूरोपीय संघ (27 देशों) के साथ सबसे बड़ा समझौता शामिल है, जिसे 'मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स' कहा जा रहा है. अमेरिका के साथ भी व्यापार समझौते से 'मेड इन इंडिया' उत्पादों पर टैरिफ कम होकर 18% रह गया है. इससे निर्यात बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी.
#WATCH | In Rajya Sabha, PM Modi says, "...India is signing future-ready trade deals with several countries. In the past few days, we signed trade deals with 9 big and important countries of the world. Mother of all deals with 27 countries, with European Union is one of them..." pic.twitter.com/qpOcOpVUks
— ANI (@ANI) February 5, 2026
पीएम मोदी ने विपक्ष पर कसा तंज
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में उच्च विकास दर और कम मुद्रास्फीति का अनोखा संयोजन है. बड़े अर्थव्यवस्थाओं में भारत सबसे तेजी से बढ़ रहा है. पहले भारत 'फ्रेजाइल फाइव' में गिना जाता था, लेकिन अब दुनिया भारत के साथ व्यापार समझौते करने को उत्सुक है. पीएम ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि पहले कोई देश भारत के साथ डील करने को तैयार नहीं था.
संसद सत्र का कार्यक्रम
बजट सत्र कुल 65 दिनों में 30 बैठकों के साथ चलेगा. यह 2 अप्रैल को समाप्त होगा. दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होंगे और 9 मार्च को फिर शुरू होंगे. इस दौरान स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों के अनुदान अनुरोधों की जांच करेंगी.


