राहुल गांधी द्वारा रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार' कहने पर भड़के पीएम मोदी, सिख समुदाय के खिलाफ बताया अपमान
संसद में हुए बजट सत्र के दौरान पीएम मोदी ने राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू का मुद्दा उठाते हुए, राहुल गांधी को फटकार लगाई. उन्होंने इसे सिख समुदाय के खिलाफ अपमान बताया.

नई दिल्ली: संसद में तीखी बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक टिप्पणी पर जोरदार हमला बोला. राहुल गांधी ने केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू को "गद्दार" कहा था, जिसकी प्रधानमंत्री ने कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे सिख समुदाय के खिलाफ अपमान बताया.
राहुल और बिट्टू के बीच विवाद की शुरुआत
बजट सत्र के दौरान संसद परिसर में कांग्रेस सांसद प्रदर्शन कर रहे थे. इसी बीच रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजरे. राहुल गांधी ने उन्हें देखकर "मेरा गद्दार दोस्त" कहा और हाथ मिलाने की कोशिश की. बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया और जवाब में राहुल को "देश का दुश्मन" कहा. यह वीडियो वायरल हो गया और राजनीतिक बवाल मच गया.
राज्यसभा में पीएम मोदी का पलटवार
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राज्यसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि राहुल का अहंकार चरम पर है. उन्होंने किसी अन्य कांग्रेस छोड़ने वाले को "गद्दार" नहीं कहा, लेकिन रवनीत बिट्टू को सिर्फ इसलिए "गद्दार" कहा क्योंकि वे सिख हैं. पीएम मोदी ने कहा, "यह सिखों का अपमान है, गुरुओं का अपमान है. यह कांग्रेस में सिखों के प्रति भरी नफरत की अभिव्यक्ति है."
उन्होंने आगे कहा कि रवनीत बिट्टू का परिवार देश के लिए बलिदान दे चुका है. सिर्फ राजनीतिक विचारधारा बदलने पर किसी को देशद्रोही कहना बहुत गलत है.
PM @narendramodi ji calls out the Congress mindset that repeatedly disrespects the Sikh community—insulting a Sikh Minister is not just an insult to an individual, but to the sacrifices and dignity of Sikhs. Such politics stands exposed. The Congress party has never stood firmly… pic.twitter.com/KfdRLu8VZS
— Ravneet Singh Bittu (@RavneetBittu) February 5, 2026
मोदी ने सिख समुदाय लिए बताया खतरा
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसे लोग कांग्रेस को डुबो देंगे. उन्होंने जोर दिया कि कोई भी नागरिक को देशद्रोही कहना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. यह टिप्पणी न सिर्फ व्यक्तिगत हमला है, बल्कि पूरे सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है.
राजनीतिक विवाद बढ़ा
यह घटना संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह तनाव बढ़ाने वाली साबित हुई. भाजपा ने इसे कांग्रेस की सिख विरोधी सोच का प्रमाण बताया. वहीं कांग्रेस पक्ष ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया. पीएम मोदी के इस बयान से सदन में माहौल और गरमा गया है.


