'यह मेरी जिम्मेदारी है...जैसा आप चाहते हैं, वैसा अब होकर रहेगा', पहलगाम हमले के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सख्त चेतावनी

पहलगाम हमले के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सख्त लहजे में कहा कि अब भारत जवाब नहीं देगा, बल्कि दुश्मनों को सबक सिखाएगा. उन्होंने कहा कि सेना को पूरी छूट दी गई है और आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई होगी. हमले के बाद घाटी में सुरक्षा बढ़ाई गई है और ऑपरेशन तेज़ कर दिए गए हैं. सरकार ने स्पष्ट किया कि कश्मीर में विकास और शांति को बाधित नहीं होने दिया जाएगा और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेहद कड़े शब्दों में आतंकवादियों और उनके मददगारों को चेतावनी दी है. रक्षा मंत्री ने कहा कि जैसा आप चाहते हैं, वैसा अब होकर रहेगा. भारत अब केवल जवाब नहीं देगा, बल्कि दुश्मनों को उनकी भाषा में करारा सबक सिखाएगा. उनका यह बयान न सिर्फ आतंकियों को खुला संदेश है, बल्कि देशवासियों को यह आश्वासन भी है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतेगी.

हमले में सुरक्षाबलों को निशाना बनाया गया

हालिया हमले में आतंकियों ने सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाया, जिसमें कई जवान घायल हुए और कुछ को गंभीर चोटें आईं. इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन ने ली है. हमले के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है तथा हमलावरों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

'अब नई नीति के तहत कार्रवाई होगी'

राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार की नीति अब पहले जैसी नहीं है. उन्होंने दोहराया कि भारत अब ‘मौन प्रतिक्रिया’ वाला देश नहीं रहा. "हम अपने जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाने देंगे. अब जो भी भारत की एकता, अखंडता या नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती देगा, उसे कड़ा जवाब मिलेगा."

सेना को खुली छूट और रणनीति में बदलाव

रक्षा मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सुरक्षा बलों को इस तरह के हमलों से निपटने के लिए पूरी छूट दी गई है. उन्होंने सेना और सुरक्षाबलों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि हमारी सेना हर परिस्थिति से निपटने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर जवाब देने से पीछे नहीं हटेगी. सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय किया गया है और आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने की योजना पर काम शुरू हो गया है.

घाटी में स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता

राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर में विकास और स्थिरता की प्रक्रिया को बाधित नहीं होने दिया जाएगा. "कश्मीर में जो लोग शांति और प्रगति के मार्ग में रुकावट डाल रहे हैं, उन्हें उनकी जगह दिखाना जरूरी है." उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि स्थानीय लोगों को डरने की जरूरत नहीं है; सरकार उनकी सुरक्षा और विकास दोनों के लिए प्रतिबद्ध है.

राजनीतिक दलों की भी प्रतिक्रिया

इस बयान के बाद कई राजनीतिक दलों ने सरकार के सख्त रुख का समर्थन किया. विपक्षी नेताओं ने भी हमले की निंदा की और एकजुट होकर आतंक के खिलाफ लड़ने की बात कही.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो