कोलकाता के वाओ! मोमो गोदाम में लगी भीषण आग,16 लोगों की मौत, 13 लापता

कोलकाता के आनंदपुर में Wow! Momo के गोदाम में भीषण आग से 16 लोगों की मौत हुई, 13 से अधिक लापता हैं. शवों की पहचान डीएनए जांच से होगी. सरकार और कंपनी ने मुआवजे का ऐलान किया, एक आरोपी गिरफ्तार हुआ.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

कोलकाताः कोलकाता के आनंदपुर इलाके में स्थित Wow! Momo के एक गोदाम और उससे सटे दूसरे गोदाम में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 16 जले हुए शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 13 से अधिक लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है. प्रशासन, दमकल विभाग और राहत एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और घटनास्थल पर लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

तड़के लगी आग, दो गोदाम चपेट में

यह हादसा 26 जनवरी की तड़के करीब 3 बजे हुआ, जब आनंदपुर के नाजिराबाद इलाके में स्थित दो गोदामों में अचानक आग लग गई. इनमें से एक गोदाम में सूखे फूलों का भंडारण किया गया था, जबकि दूसरा गोदाम क्विक सर्विस रेस्टोरेंट और पैक्ड फूड कंपनी Wow! Momo का था. आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और दोनों इमारतें इसकी चपेट में आ गईं.

ज्वलनशील सामग्री ने बढ़ाई तबाही

दमकल विभाग की करीब 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया. हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार, गोदामों में सूखे खाद्य पदार्थ और पैकेटबंद सामान रखा गया था, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई. बाहर से आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन अंदर मौजूद भारी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री के कारण आग लंबे समय तक सुलगती रही. पुलिस सूत्रों ने बताया कि इमारत के भीतर अभी भी जली हुई हड्डियों के अवशेष मिले हैं, जो हादसे की भयावहता को दर्शाते हैं.

मलबे से शवों की बरामदगी जारी

पहले दिन मलबे से तीन शव निकाले गए, जिसके बाद मलबा हटाने के लिए अर्थ मूविंग मशीन लगाई गई. 27 जनवरी की शाम तक आठ शव बरामद किए गए थे और इसके बाद आठ और मानव अवशेष मिले. शवों की हालत इतनी खराब है कि उनकी पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा है.

लापता मजदूरों की तलाश में परिवार

घटना की खबर मिलते ही गोदामों में काम करने वाले मजदूरों के परिजन मौके पर पहुंचने लगे. दक्षिण 24 परगना के नरेंद्रपुर थाने में कई परिवारों ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके परिजनों के फोन बंद हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. कुल 21 मजदूरों के लापता होने की सूचना दी गई है. अफरा-तफरी के दौरान चार मजदूर किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे. बताया जा रहा है कि मृतक और लापता मजदूरों में से कई पुरबा मेदिनीपुर के मोयना विधानसभा क्षेत्र से थे.

नेताओं का दौरा 

घटना के बाद राज्य मंत्री अरूप बिस्वास, सांसद सैनी घोष और सुजीत बोस ने घटनास्थल का दौरा किया. कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर मौके का निरीक्षण करते हुए इसे बेहद दुखद घटना बताया. उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की गहन जांच की जा रही है.

डीएनए जांच से होगी पहचान

शवों की पहचान मुश्किल होने के कारण प्रशासन अदालत की अनुमति के बाद डीएनए जांच की तैयारी कर रहा है. परिजनों के रक्त नमूनों के जरिए पहचान की पुष्टि की जाएगी. पहचान और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ही मुआवजा दिया जाएगा.

मुआवजा और कार्रवाई

Wow! Momo ने पुष्टि की है कि इस हादसे में उसके दो कर्मचारी और एक सुरक्षा गार्ड की मौत हुई है. कंपनी ने प्रभावित परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा, आजीवन मासिक सहायता और बच्चों की शिक्षा में मदद देने की घोषणा की है. वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है.

अग्नि सुरक्षा में लापरवाही, एक गिरफ्तार

दमकल अधिकारियों ने स्वीकार किया कि गोदाम बिना अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मंजूरी के संचालित हो रहे थे. पुलिस ने गोदाम मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और एक मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार कर 4 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

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