UGC के नए कानून पर बवाल, यूपी-बिहार से राजस्थान तक सड़कों पर उतरे लोग

UGC के नए इक्विटी कानून के खिलाफ यूपी, बिहार और राजस्थान समेत कई राज्यों में छात्र और सामाजिक संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. OBC को जातिगत भेदभाव की श्रेणी में शामिल करने को लेकर सवर्ण समाज में नाराजगी बढ़ गई है और राजनीतिक असर भी दिखने लगा है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए नए कानून को लेकर देश के कई राज्यों में विरोध तेज होता जा रहा है. उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कई इलाकों में छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों ने इस कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है. 

मेरठ, हापुड़ और आसपास के जिलों में छात्रों का विरोध

यूपी के मेरठ, हापुड़ और आसपास के जिलों में छात्रों ने पोस्टर और बैनर के साथ अपना विरोध दर्ज कराया है. हापुड़ के सिंभावली क्षेत्र के बक्सर गांव में तो कई घरों के बाहर ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें भाजपा नेताओं से वोट मांगने न आने की अपील की गई है. कुछ पोस्टरों में सवर्ण समाज का उल्लेख करते हुए “सवर्ण अगेंस्ट बीजेपी” जैसे नारे भी लिखे गए हैं, जिससे माहौल और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है.

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली. भाजपा के एक बूथ अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने UGC के नए कानून के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने व्हाट्सएप के जरिए मंडल अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेजते हुए कहा कि यह कानून समाज को बांटने वाला है और उनके वैचारिक, सामाजिक और नैतिक मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने साफ कहा कि वह इस फैसले का समर्थन नहीं कर सकते, इसलिए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं.

राजस्थान में भी इस कानून के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आई है. अलवर में करणी सेना ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कानून समाज में विभाजन पैदा करेगा. संगठन ने दावा किया कि इसका सीधा असर सवर्ण समाज की आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा. करणी सेना ने चेतावनी दी है कि अगर कानून वापस नहीं लिया गया, तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होगा.

गाजियाबाद में डासना पीठ के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरि को पुलिस ने उस समय नजरबंद कर दिया, जब वे UGC के नए कानून के विरोध में दिल्ली जाकर अनशन करने की तैयारी में थे. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सवर्ण समाज की आवाज को दबा रही है और यह कानून पूरी तरह से सवर्ण विरोधी है.

मधुबनी में कानून के खिलाफ प्रदर्शन 

बिहार में भी विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं. वैशाली जिले के हाजीपुर में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय UGC से जुड़े सवालों से बचते नजर आए. वहीं मधुबनी सहित कई जिलों में सवर्ण समाज के लोगों ने इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं.

दरअसल, UGC ने हाल ही में UGC एक्ट 2026 के तहत ‘इक्विटी रेगुलेशन’ लागू किया है, जिसे सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत अब SC, ST के साथ-साथ OBC वर्ग के लिए भी समान अवसर प्रकोष्ठ बनाना अनिवार्य कर दिया गया है. विवाद की मुख्य वजह यह है कि नए नियमों में OBC को भी जातिगत भेदभाव की श्रेणी में शामिल किया गया है. जनरल कैटेगरी के छात्रों का मानना है कि OBC वर्ग को पहले से आरक्षण जैसी सुविधाएं मिल रही हैं, ऐसे में उन्हें इस सूची में शामिल करना अन्यायपूर्ण है. इसी को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध लगातार तेज होता जा रहा है.

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