पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में किसकी बनेगी सरकार? ओपिनियन पोल ने सभी को किया हैरान
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही ओपिनियन पोल से रिजल्ट सामने आने लगे हैं. जिसमें टीएमसी की वापसी दिख रही है, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने सबको चौंका दिया है.

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. चुनाव आयोग ने राज्य में दो चरणों में मतदान कराने का फैसला किया है और 4 मई को नतीजे आएंगे. यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC), भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है. भाजपा ममता बनर्जी को हराने के लिए जोर लगा रही है, जबकि ममता चौथी बार जीत का भरोसा जता रही है.
चुनाव की घोषणा के साथ ही पहला बड़ा ओपिनियन पोल सामने आ गया है, जिसमें टीएमसी की वापसी दिख रही है, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने सबको चौंका दिया है.
चुनाव की तारीखें और माहौल
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं. चुनाव दो चरणों में होंगे. मतदान के बाद 4 मई को रिजल्ट घोषित होंगे. राज्य में राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है. ममता बनर्जी की टीएमसी पिछले चुनावों से मजबूत स्थिति में है, लेकिन भाजपा लगातार संगठन मजबूत कर रही है. कांग्रेस भी मैदान में है, लेकिन उसकी स्थिति कमजोर दिख रही है.
पहला ओपिनियन पोल क्या कहता है?
इंडिया टीवी और मैटराइज-IANS के संयुक्त ओपिनियन पोल के मुताबिक, ममता बनर्जी की टीएमसी पर जनता का भरोसा बरकरार है. सर्वे में टीएमसी को 155 से 170 सीटें मिलने का अनुमान है. पिछली बार से सीटें थोड़ी कम हो सकती हैं, लेकिन बहुमत टीएमसी के पास रहेगा. भाजपा को 100 से 115 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है. भाजपा के लिए यह झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह सत्ता बदलने की उम्मीद में थी.
ओवैसी की पार्टी ने मचाया सरप्राइज
इस पोल में सबसे बड़ा चौंकाने वाला नतीजा एआईएमआईएम गठबंधन का है. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को 5 से 6 सीटें मिलने का अनुमान है. यह कांग्रेस से बेहतर प्रदर्शन दिखा रहा है. कांग्रेस का खाता शायद खुलेगा ही नही.
अन्य पार्टियों को 0 से 1 सीट मिल सकती है. एआईएमआईएम ने हाल में बंगाल में मुस्लिम वोट बैंक पर जोर दिया है और सभी सीटों पर लड़ने की बात कही है. यह टीएमसी के लिए चुनौती बन सकता है, क्योंकि मुस्लिम वोट बंट सकते हैं.


