ईरान ने GPS छोड़ चीन के BeiDou का लिया सहारा? इजरायल के एयर डिफेंस को चकमा देकर मचाई तबाही!

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच चीन का BeiDou चर्चा में आ गया है. कहा जा रहा है कि ईरान के हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों में सटीकता काफी बढ़ गई है. इसके पीछे चीन का BeiDou सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम हो सकता है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव ने नई बहस छेड़ दी है. ईरान के हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों में सटीकता काफी बढ़ गई है. कई खुफिया विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे चीन का BeiDou सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम हो सकता है. हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

ईरान के हमलों में बढ़ी सटीकता

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके जवाब में ईरान ने हजारों किलोमीटर दूर इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भारी मिसाइल और ड्रोन हमले किए. 

कई हमले इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर लक्ष्य पर सटीक लगे, जिससे काफी नुकसान हुआ और जानें भी गई. विशेषज्ञ कहते हैं कि पहले ईरान के हमले कम सटीक होते थे, लेकिन अब सटीकता में बड़ा बदलाव आया है.

अमेरिकी GPS बंद, BeiDou का सहारा?

अमेरिका ने ईरान के लिए GPS सिग्नल जाम कर दिए हैं. ईरान पहले अमेरिकी GPS पर निर्भर था, लेकिन अब वह काम नहीं करता. फ्रांस की पूर्व खुफिया प्रमुख एलेन जुइलेट ने एक पॉडकास्ट में कहा कि ईरान को चीन ने BeiDou सिस्टम इस्तेमाल करने की अनुमति दी हो सकती है. 

इससे मिसाइलों और ड्रोन्स की दिशा सही रहती है और जामिंग से बचाव होता है. कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान ने 2021 से ही GPS छोड़कर BeiDou-3 पर शिफ्ट करना शुरू किया था, खासकर जून 2025 के 12-दिन के युद्ध के बाद.

BeiDou सिस्टम क्या है?

BeiDou चीन का खुद का ग्लोबल सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है. इसे 2020 में पूरी तरह चालू किया गया. चीन ने 1996 के ताइवान संकट के बाद इसे बनाना शुरू किया, क्योंकि उसे डर था कि अमेरिका GPS बंद कर सकता है. BeiDou GPS से ज्यादा सटीक है और जामिंग मुश्किल है. यह दुनिया भर में काम करता है और ईरान जैसे देशों के लिए विकल्प बन गया है.

चीन का हाथ या सिर्फ अंदाजा?

ईरान और चीन ने BeiDou के इस्तेमाल पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान की बढ़ती सटीकता BeiDou की वजह से हो सकती है. इससे युद्ध में नया मोड़ आ गया है.

अमेरिका और इजरायल अब ईरान के हमलों से ज्यादा चुनौती महसूस कर रहे हैं.अगर BeiDou सच में इस्तेमाल हो रहा है, तो यह चीन की बढ़ती वैश्विक ताकत का संकेत है.

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