जंग के बीच ईरान का सनसनीखेज दावा, अमेरिका में 9/11 जैसी साजिश की आशंका

ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने दावा किया कि एपस्टीन से जुड़े लोग अमेरिका में 9/11 जैसा हमला कर उसका आरोप ईरान पर मढ़ने की साजिश कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ईरान ऐसे किसी भी आतंकी षड्यंत्र का विरोध करता है और उसका अमेरिकी जनता से कोई युद्ध नहीं है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच ईरान की ओर से एक सनसनीखेज दावा सामने आया है. ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के करीबी और उनके प्रमुख सलाहकार अली लारिजानी ने कहा है कि अमेरिका में 11 सितंबर 2001 जैसी एक और बड़ी आतंकी घटना करवाई जा सकती है और उसका दोष ईरान पर डालने की कोशिश हो सकती है. 

तेहरान के बयान से छिड़ी बहस 

उन्होंने इस तरह के किसी भी संभावित षड्यंत्र की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ईरान ऐसे किसी भी आतंकवादी कदम का विरोध करता है. तेहरान से आए इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. लारिजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि अमेरिकी फाइनेंशर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े कुछ लोगों के नेटवर्क द्वारा अमेरिका में 9/11 जैसी घटना को अंजाम देने की योजना बनाई जा सकती है. 

उन्होंने दावा किया कि इस तरह के हमले के बाद इसका आरोप ईरान पर लगाने की कोशिश की जा सकती है. लारिजानी ने यह भी कहा कि ईरान का अमेरिकी जनता से कोई दुश्मनी नहीं है और वह किसी भी प्रकार की आतंकवादी साजिश का समर्थन नहीं करता.

ईरान की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर लगातार सैन्य दबाव बढ़ाया जा रहा है, जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में अपने विरोधियों पर हमले कर रहा है. युद्ध के बढ़ते दायरे के बीच कई विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है.

लारिजानी ने कई बार ट्रंप पर लगाए आरोप

लारिजानी पिछले कुछ समय से अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भी तीखे बयान देते रहे हैं. उन्होंने कई बार ट्रंप का नाम जेफ्री एपस्टीन के साथ जोड़ते हुए आरोप लगाए हैं. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि ईरान के नेता आम लोगों के बीच रहते हैं, जबकि अमेरिका के कुछ नेता एपस्टीन जैसे विवादित लोगों से जुड़े रहे हैं.

दरअसल, अमेरिकी कारोबारी जेफ्री एपस्टीन का नाम कई विवादों में सामने आया था. उस पर नाबालिगों के साथ यौन शोषण, मानव तस्करी और कई अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगे थे. उसकी मौत के बाद भी अमेरिकी एजेंसियों ने उससे जुड़े मामलों की जांच जारी रखी और समय-समय पर उससे संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाते रहे हैं. इन दस्तावेजों में कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के चर्चित नामों का जिक्र सामने आने से विवाद और गहरा गया.

डोनाल्ड ट्रंप की सफाई 

हालांकि डोनाल्ड ट्रंप कई बार यह कह चुके हैं कि उनका एपस्टीन से कोई खास संबंध नहीं था और वह कभी उसके निजी द्वीप पर नहीं गए. इसके बावजूद उनके विरोधी लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं. इन सबके बीच ईरान की ओर से आया यह नया दावा वैश्विक राजनीति और सुरक्षा से जुड़े सवालों को और जटिल बना रहा है.

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