क्या यूरोप तक फैलेगी पश्चिम एशिया की ये जंग? ईरान ने यूक्रेन को क्यों दी निशाना बनाने की धमकी?
ईरान ने आरोप लगाया है कि ड्रोन टेक्नोलॉजी के जरिए अमेरिका और इजरायल की मदद कर यूक्रेन इस जंग में शामिल हो गया है और अब वह उसके लिए वैध निशाना बन सकता है. वहीं यूक्रेन ने ईरान की इस धमकी को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है.

पश्चिम एशिया में चल रहा सैन्य संघर्ष अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक रूप लेता दिखाई दे रहा है. ताजा घटनाक्रम में ईरान ने यूक्रेन को लेकर कड़ी चेतावनी दी है और संकेत दिया है कि यदि कीव ने अमेरिका और इजरायल का साथ दिया तो उसे भी इस संघर्ष का हिस्सा माना जाएगा. इस बयान के बाद वैश्विक कूटनीतिक हलकों में चिंता बढ़ गई है कि यह युद्ध और अधिक देशों को अपनी चपेट में ले सकता है.
जेलेंस्की का दावा
दरअसल हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया था कि अमेरिका सहित करीब 10 देशों ने उनसे ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में सहयोग मांगा है. जेलेंस्की का कहना था कि रूस के साथ युद्ध के दौरान यूक्रेन को ईरानी ड्रोन से निपटने का जो अनुभव मिला है, वह अन्य देशों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है. उनके इस बयान के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है.
ईरान के संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अगर यूक्रेन इजरायल और अमेरिका की मदद के लिए अपनी ड्रोन तकनीक उपलब्ध कराता है तो इसे सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होना माना जाएगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इजरायल को ड्रोन संबंधी सहायता देकर यूक्रेन प्रभावी रूप से इस संघर्ष का हिस्सा बन रहा है. अजीजी ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत ऐसी स्थिति में ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार प्राप्त है और यूक्रेन का क्षेत्र भी उसके लिए संभावित लक्ष्य बन सकता है.
तेहरान का आरोप
तेहरान का आरोप है कि यूक्रेन अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल पश्चिमी देशों और इजरायल को मजबूत करने के लिए कर रहा है, जिससे ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ सकता है. हालांकि यूक्रेन ने इन आरोपों और धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया है. यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने ईरान के बयान को पूरी तरह निराधार और हास्यास्पद करार दिया है.
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी यूक्रेन की ड्रोन विशेषज्ञता को लेकर अलग रुख अपनाया है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के पास पहले से ही दुनिया की बेहतरीन ड्रोन तकनीक मौजूद है और उसे इस मामले में कीव की सहायता की आवश्यकता नहीं है.
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि ईरान की ओर से यूक्रेन को दी गई यह चेतावनी वैश्विक तनाव को और बढ़ा सकती है. पहले से ही पश्चिम एशिया में बढ़ रहे सैन्य टकराव के बीच यदि अन्य देश भी सीधे या परोक्ष रूप से इसमें शामिल होते हैं तो स्थिति और जटिल हो सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के बयान आने वाले दिनों में कूटनीतिक और सैन्य समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं.


