अजीत पवार विमान हादसा: रोहित पवार ने अमित शाह को लिखा पत्र, व्यापक जांच की उठाई मांग
28 जनवरी को हुए विमान हादसे में अजीत पवार की मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है. एनसीपी विधायक रोहित पवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हादसे की व्यापक और पारदर्शी जांच की मांग की है, साथ ही संभावित तोड़फोड़ की आशंका भी जताई है.

मुंबई: 28 जनवरी को हुए कथित विमान हादसे में अजीत पवार की मौत के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में सवाल लगातार उठ रहे हैं. इस बीच एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दुर्घटना की व्यापक, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है.
कर्जत-जामखेड से विधायक रोहित पवार ने शनिवार को सार्वजनिक रूप से बताया कि उन्होंने इस हादसे को लेकर अपनी गंभीर चिंताओं को केंद्र सरकार के समक्ष रखा है. उनका कहना है कि यह मामला केवल एक हादसा भर नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इसकी हर परत की गहराई से जांच जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके.
गृह मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजा ईमेल
रोहित पवार ने जानकारी दी कि उन्होंने विस्तृत प्रस्तुति के साथ केंद्रीय गृह मंत्री के अलावा नागरिक उड्डयन मंत्री और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भी ईमेल भेजा है. उन्होंने संबंधित पत्रों और ईमेल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि उनकी पहल का उद्देश्य किसी प्रकार का राजनीतिक लाभ लेना नहीं है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मांग को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं होगा. उनके अनुसार, यह एक संवेदनशील मामला है और इसमें तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल बेहद आवश्यक है.
अटकलों या संदेह की कोई गुंजाइश न रहे
रोहित पवार ने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि घटनाओं का वास्तविक क्रम लोगों के सामने रखा जाए ताकि अटकलों या संदेह की कोई गुंजाइश न रहे."
उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक दुर्घटना के कारणों पर आधिकारिक और विस्तृत रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक समाज में तरह-तरह की चर्चाएं और आशंकाएं बनी रहेंगी. ऐसे में पारदर्शी जांच ही विश्वास बहाली का एकमात्र रास्ता है.
पहले भी जताई थी तोड़फोड़ की आशंका
10 फरवरी को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने इस दुखद विमान दुर्घटना में संभावित तोड़फोड़ की आशंका का भी जिक्र किया था. उनका कहना था कि कुछ परिस्थितियां ऐसी हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और जिनकी तकनीकी जांच जरूरी है.
अब उन्होंने औपचारिक रूप से केंद्र सरकार से अपील की है कि इस मामले की जांच व्यापक दायरे में की जाए, ताकि दुर्घटना के पीछे की सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.


