तमिलनाडु पॉलिटिक्स में बड़ा ट्विस्ट, अन्नामलाई चुनावी मैदान से बाहर
के. अन्नामलाई ने साफ किया कि उन्होंने खुद तमिलनाडु विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है और पार्टी को पहले ही इसकी जानकारी दे दी थी. अब वे चुनाव में उम्मीदवार बनने की बजाय भाजपा और एनडीए के लिए प्रचार अभियान पर ध्यान देंगे.

भारतीय जनता पार्टी के नेता के. अन्नामलाई ने शनिवार को यह साफ कर दिया कि वह तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे. उन्होंने बताया कि यह फैसला उन्होंने स्वयं लिया है और इसकी जानकारी पार्टी नेतृत्व को पहले ही दे दी गई थी. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब भाजपा द्वारा जारी उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं था, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं.
अन्नामलाई ने क्या कहा?
चेन्नई एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान अन्नामलाई ने कहा कि इस बार उनकी भूमिका चुनाव लड़ने की नहीं, बल्कि पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रत्याशियों के लिए प्रचार करने की होगी. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने निर्णय के बारे में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को पहले ही अवगत करा दिया था.
Hearty congratulations to all the @BJP4TamilNadu winning candidates announced for the 2026 Tamil Nadu Assembly elections. They carry the support of every brother & sister of TN who is tired of corruption, complacency, and the DMK's betrayal.
— K.Annamalai (@annamalai_k) April 3, 2026
Under the visionary leadership of our… pic.twitter.com/GJm4Dq0uDQ
अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी की कोर कमेटी को लिखित रूप में सूचित किया था कि वे किसी भी सीट से चुनाव नहीं लड़ना चाहते. उन्होंने कहा कि संभावित उम्मीदवारों की सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं था. इसलिए यह कहना गलत है कि उन्हें टिकट नहीं दिया गया. उनके अनुसार, यह पूरी तरह उनका निजी और सोचा-समझा फैसला है, जिसे लेकर अब किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए.
चुनाव प्रचार की अहम जिम्मेदारी
उन्होंने आगे बताया कि पार्टी ने उन्हें चुनाव प्रचार की अहम जिम्मेदारी सौंपी है. 7 अप्रैल तक उन्हें पुडुचेरी और केरल में प्रचार करना है, जबकि इसके बाद 23 अप्रैल तक वे तमिलनाडु में सक्रिय रहेंगे. अन्नामलाई ने कहा कि वह पूरी निष्ठा के साथ इस जिम्मेदारी को निभाएंगे और पार्टी की जीत के लिए काम करेंगे.
अन्नामलाई ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के वोट शेयर को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी. इसके चलते यह उम्मीद जताई जा रही थी कि वह राज्य में चुनावी अभियान का नेतृत्व करेंगे. हालांकि, बाद में एआईएडीएमके के एनडीए में दोबारा शामिल होने के बाद उन्हें तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था. बताया जाता है कि गठबंधन की शर्तों के तहत यह फैसला लिया गया था.
सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई भाजपा और एआईएडीएमके के गठबंधन तथा सीट बंटवारे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे. इस समझौते में भाजपा को सीमित सीटें मिली थीं, जबकि एआईएडीएमके को बड़ा हिस्सा दिया गया. इसके अलावा, उन्हें कुछ सीटों की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए यह जिम्मेदारी भी छोड़ दी. तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में आयोजित होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी.


