कांग्रेस में गहराता मतभेद! राहुल गांधी vs शशि थरूर-कमलनाथ, मिडिल ईस्ट और LPG पर खुला गुटबंदी
राहुल गांधी ने ईरान-इजरायल-अमेरिका के बढ़ते तनाव पर मोदी सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इसे ‘कमजोर और समझौतावादी’ बताते हुए कहा कि भारत की आवाज अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दब गई है.

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर से गहरे मतभेद उभरकर सामने आ गए हैं. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध, भारत की विदेश नीति और देश में LPG आपूर्ति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के बीच राय बंटी हुई नजर आ रही है. जहां लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी केंद्र सरकार की विदेश नीति की तीखी आलोचना कर रहे हैं, वहीं शशि थरूर, आनंद शर्मा, कमलनाथ और मनीष तिवारी जैसे कद्दावर नेताओं ने सरकार के कदमों की खुलकर सराहना कर पार्टी आलाकमान को चौंका दिया है.
राहुल गांधी की तीखी आलोचना
राहुल गांधी ने ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव को लेकर मोदी सरकार की कूटनीति को कमजोर और समझौतावादी बताया. उन्होंने केंद्र सरकार से ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा करने की मांग भी की.
शशि थरूर और आनंद शर्मा का सरकार का समर्थन
राहुल गांधी के ठीक विपरीत, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सरकार की कूटनीति को जिम्मेदार और परिपक्व बताया. आनंद शर्मा ने भी कहा कि मिडिल ईस्ट संकट पर भारत का कूटनीतिक प्रबंधन कुशल और परिपक्व रहा है. उन्होंने इसे राष्ट्रीय एकता का विषय बताते हुए राष्ट्रीय सहमति की जरूरत पर जोर दिया.
LPG संकट पर कमलनाथ का बड़ा बयान
देश में LPG की किल्लत को लेकर कांग्रेस आलाकमान सरकार पर हमला बोल रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पार्टी की इस रणनीति पर पानी फेर दिया. कमलनाथ ने साफ कहा, एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है, यह केवल एक माहौल बनाया जा रहा है कि आपूर्ति कम है.
ऑपरेशन सिंदूर से शुरू हुई खेमेबंदी
यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस में राष्ट्रहित और पार्टी लाइन के बीच टकराव देखा गया है. इसकी शुरुआत मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर से हुई थी, जब राहुल गांधी ने सरकार की इच्छाशक्ति पर सवाल उठाए थे, लेकिन शशि थरूर और मनीष तिवारी ने भारतीय सेना और सरकार के फैसले का समर्थन किया था.
मनीष तिवारी का स्पष्ट रुख
मनीष तिवारी ने टीवी चर्चा में कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध के मामले में सरकार संभवतः सही कदम उठा रही है. आनंद शर्मा ने भी ईरान के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंधों और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार की सराहना की.
भाजपा का तीखा हमला
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता खुद मान चुके हैं कि राहुल गांधी अवसरवादी राजनीति कर रहे हैं.


