ED की छापेमारी में भूपेश बघेल के घर से क्या-क्या निकला, खुद पूर्व CM ने बताया, पैसा गिनने के लिए आई थी मशीन

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की जांच और आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार हैं. छापेमारी खत्म होने के बाद, उन्होंने अपने समर्थकों से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके समर्थन से वह इस मुश्किल घड़ी में मजबूत बने रहे. 

Kamal Kumar Mishra

Bhupesh Baghel: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि उनके घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी समाप्त हो गई है और इस दौरान 33 लाख रुपये कैश बरामद हुए हैं. बघेल ने कहा कि यह राशि उनके परिवार की खेती, डेयरी, स्त्रीधन और अन्य स्रोतों से आई है, जिसका वे हिसाब देने के लिए तैयार हैं. 

भूपेश बघेल ने यह भी जानकारी दी कि छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने कैश गिनने की मशीनें मंगवायीं थीं. उन्होंने दावा किया कि ईडी अधिकारियों ने कोई ECIR नंबर भी नहीं दिया. बघेल ने भाजपा पर तंज कसते हुए यह कहा कि ईडी की टीम को उनके घर से कुछ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें मंतूराम और डॉ. पुनीत गुप्ता के बीच करोड़ों की लेन-देन की बात करने वाली पेन ड्राइव और डॉ. रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह की सेल कंपनी से संबंधित कागजात शामिल थे. 

भूपेश बघेल के बेटे के पास गया पैसा?

ईडी ने कथित शराब घोटाले के सिलसिले में भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल के आवास पर छापेमारी की थी. इसके अलावा, चैतन्य के भिलाई स्थित आवास और उनके कथित सहयोगी लक्ष्मी नारायण बंसल के परिसरों पर भी तलाशी ली गई. सूत्रों के अनुसार, चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से जुड़ी आय का प्राप्तकर्ता माना जा रहा है. 

शराब घोटाले का आरोप

यह छत्तीसगढ़ शराब घोटाला राज्य के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप है, जिसमें कथित तौर पर 2,100 करोड़ रुपये की अनियमित कमाई हुई थी. इस घोटाले में अब तक कई बड़े नामों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कांग्रेस नेता कवासी लखमा, महापौर एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर और अन्य शामिल हैं. ईडी ने अब तक घोटाले से संबंधित 205 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है.

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