बाढ़ प्रभावित राज्यों का जल्द दौरा करेंगे PM मोदी, राहत कार्यों का लेंगे जायजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही देश के बाढ़ग्रस्त राज्यों का दौरा करेंगे ताकि वहां की स्थिति का प्रत्यक्ष जायज़ा ले सकें और राहत कार्यों की समीक्षा कर सकें. केंद्र सरकार प्रभावित क्षेत्रों में हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है. पीएम मोदी राज्य सरकारों और राहत एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर तेज़ी से पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने पर ज़ोर दे रहे हैं.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Narendra Modi Relief Tour : भारी बारिश और बाढ़ ने पहाड़ी और मैदानी राज्यों में तबाही मचा दी है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों का दौरा करने वाले हैं, ताकि राहत कार्यों की समीक्षा की जा सके और आवश्यक मदद सुनिश्चित की जा सके. सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर हालात काबू में लाने की कोशिश कर रही है.

दिल्ली-NCR, यमुना उफान पर, सेक्टरों में जलभराव

दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नोएडा के सेक्टर-135 और सेक्टर-151 जैसे क्षेत्रों में 3-4 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं. प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन हालात अभी भी गंभीर हैं.

हरियाणा में स्कूल बंद, गुरुग्राम में सोसाइटी जलमग्न
हरियाणा के पंचकूला, हिसार, रोहतक, झज्जर और अन्य जिलों में भारी बारिश के कारण स्कूल बंद कर दिए गए हैं. गुरुग्राम की सिग्नेचर ग्लोबल सलोरा सोसाइटी में जलभराव के कारण महिलाएं और बच्चे घरों में फंसे रहे. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं.

अजमेर में तालाब की दीवार ढही, 1000 घर डूबे
अजमेर जिले में गुरुवार रात बोराज तालाब की दीवार ढहने से 1,000 से अधिक घरों में बाढ़ आ गई. पानी के तेज बहाव ने गाड़ियों और मकानों को भी क्षति पहुंचाई. रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में लोगों को छतों से सुरक्षित निकाला गया.

पंजाब में बाढ़ से अब तक 43 मौतें, लाखों प्रभावित
पंजाब में बाढ़ का कहर सबसे ज्यादा देखने को मिला है. अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है और 1.71 लाख हेक्टेयर जमीन पर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं. 1,655 गांव प्रभावित हैं और 3.55 लाख से अधिक लोग संकट में हैं. हालांकि अगले पांच दिनों तक बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, जिससे थोड़ी राहत की उम्मीद है.

कश्मीर, लैंडस्लाइड और बादल फटने से तबाही
जम्मू-कश्मीर में भीषण बारिश और भूस्खलन के चलते जम्मू-श्रीनगर हाईवे सहित कई मार्ग बंद हो गए हैं. रामबन जिले में बादल फटने से 283 घर क्षतिग्रस्त हो गए और लगभग 950 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. झेलम नदी का जलस्तर फिलहाल कम हो गया है, लेकिन स्कूल और कॉलेज 6 सितंबर तक बंद रहेंगे.

देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश और बाढ़ ने जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से उम्मीद की जा रही है कि राहत कार्यों में तेजी आएगी और केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जाएगी.

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