बिहार: पटना के चर्चित कोचिंग विवाद ने अब राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है. खान सर और रौशन आनंद के बीच चल रहा विवाद पहले शिक्षा जगत तक सीमित था, लेकिन अब इस मामले में बड़े राजनीतिक नेताओं की एंट्री के बाद यह मुद्दा लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. खासकर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत के बाद इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
तेज प्रताप यादव ने कहा कि रौशन आनंद के भाई की मौत बेहद दुखद घटना है और इस मामले में पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए. तेज प्रताप का कहना है कि जब किसी व्यक्ति का भाई इस तरह दुनिया छोड़कर चला जाए तो उसका दुख स्वाभाविक है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. तेज प्रताप ने अपने पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि वह पहले भी इस मामले पर अपनी राय रख चुके हैं और न्याय मिलने तक आवाज उठाते रहेंगे.
प्रिंस यादव की मौत के बाद जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता संजय झा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है और उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं. संजय झा ने भरोसा जताया कि जांच एजेंसियां पूरी गंभीरता से काम कर रही हैं और सच जल्द सामने आएगा. उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उन्होंने लोगों से जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील भी की.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी हस्तक्षेप किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की है. अपने पत्र में तेजस्वी यादव ने कहा कि दो कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद और उसके बाद सामने आई घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. ऐसे में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मामले की गहन जांच आवश्यक है. उन्होंने कहा कि जनता के बीच भी इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं, इसलिए एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच कराना उचित होगा.
केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने इस विवाद पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को ऐसे विवादों से दूर रहना चाहिए. उनका मानना है कि इस तरह के मामलों से छात्रों के बीच गलत संदेश जाता है और पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है. उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के बजाय शिक्षा और युवाओं के भविष्य पर ध्यान दिया जाए. रामकृपाल यादव ने कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा देने की जिम्मेदारी सभी पक्षों की है.
जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए रौशन आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ गलत तरीके से कार्रवाई की गई और उनके भाई की मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. रौशन आनंद ने कहा कि वह अपने भाई के लिए न्याय चाहते हैं और पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेल के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर भी खतरा था. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. First Updated : Tuesday, 16 June 2026