बिहार राज्यसभा चुनाव में NDA का क्लीन स्वीप, एक वोट से शिवेश राम की जीत
बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने पांचों सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें एक सीट पर बेहद करीबी मुकाबला हुआ. एनडीए के शिवेश राम ने महागठबंधन के उम्मीदवार को सिर्फ एक वोट से हराया, जबकि कुछ विधायकों के मतदान न करने से महागठबंधन को झटका लगा.

बिहार में राज्यसभा की पांचों सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने शानदार जीत दर्ज की है. हालांकि, शुरुआत से ही चार सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला काफी दिलचस्प और कड़ा माना जा रहा था.
शिवेश राम ने अमरेंद्रधारी सिंह को हराया
अंत में यह सीट भी एनडीए के खाते में चली गई और उसके प्रत्याशी शिवेश राम ने महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह को बेहद करीबी मुकाबले में हरा दिया. राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए मतदान में शिवेश राम को कुल 38 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि अमरेंद्रधारी सिंह को 37 वोट ही प्राप्त हो सके. इस तरह महज एक वोट के अंतर से शिवेश राम ने जीत हासिल कर राज्यसभा में अपनी जगह बना ली.
यह परिणाम इसलिए भी चौंकाने वाला रहा क्योंकि महागठबंधन की ओर से पहले दावा किया जा रहा था कि उनके उम्मीदवार को 41 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव से पहले अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाने की कोशिश की थी. उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पांच विधायकों और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकमात्र विधायक का समर्थन हासिल कर समर्थक विधायकों की संख्या 35 से बढ़ाकर 41 तक पहुंचा दी थी. इसके बावजूद मतदान के समय समीकरण बदलते नजर आए.
कुछ विधायकों ने मतदान में नहीं लिया हिस्सा
दरअसल, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के कुछ विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, जिससे महागठबंधन को बड़ा झटका लगा. कांग्रेस के सुरेंद्र प्रसाद, मनोहर प्रसाद और मनोज विश्वास के अलावा आरजेडी के विधायक फैसल रहमान मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे. इन चार विधायकों के वोट नहीं पड़ने से महागठबंधन की उम्मीदों को गहरा धक्का लगा और उनके उम्मीदवार की मत संख्या घटकर 37 पर सिमट गई. इससे एनडीए को बढ़त मिल गई और शिवेश राम ने बेहद मामूली अंतर से जीत दर्ज कर ली.
दूसरी ओर एनडीए के सभी विधायक एकजुट नजर आए और गठबंधन के सभी 202 विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया. इसी एकजुटता का फायदा एनडीए को मिला और उसने पांचों सीटों पर कब्जा कर लिया. इस चुनाव में एनडीए की ओर से उतारे गए सभी उम्मीदवार विजयी रहे. इनमें भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नवीन और शिवेश राम, जनता दल (यूनाइटेड) से रामनाथ ठाकुर और एक अन्य उम्मीदवार, जबकि राष्ट्रीय लोक मोर्चा से उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं. पांचों नेताओं की जीत के साथ एनडीए ने राज्यसभा चुनाव में अपनी मजबूत पकड़ का प्रदर्शन किया है.
इस नतीजे के बाद बिहार की राजनीति में महागठबंधन के भीतर रणनीति और एकजुटता को लेकर नए सवाल भी खड़े हो गए हैं, क्योंकि अंतिम समय में विधायकों की गैरमौजूदगी ने पूरे समीकरण को बदलकर रख दिया.


