बिहार को मिल सकता है नया भाजपा सीएम, नीतीश कुमार की राज्यसभा उम्मीदवारी आज
बिहार में बड़ा राजनीतिक बदलाव संभव है, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं. अगर वे राज्यसभा जाते हैं, तो भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनने की अटकलें तेज हो गई हैं.

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव होने के संकेत मिल रहे हैं. मुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड दसवीं बार पद संभालने के करीब चार महीने बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि यह कदम राज्य की राजनीति में नई स्थिति पैदा कर सकता है और पहली बार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनने की संभावना को मजबूत कर सकता है.
11:30 बजे नामांकन दाखिल करेंगे नीतीश कुमार
मिली जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार सुबह करीब 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल करेंगे. उनके साथ जनता दल (यूनाइटेड) के नेता रामनाथ ठाकुर भी राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरेंगे. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में 1 मार्च को नीतीश कुमार ने अपना 75वां जन्मदिन मनाया है और उनके भविष्य को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं.
सूत्रों के अनुसार इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी पटना में मौजूद रहने की संभावना है. बताया जा रहा है कि नामांकन प्रक्रिया के बाद शाह, नीतीश कुमार और एनडीए के अन्य नेताओं के बीच बैठक हो सकती है. इस बैठक में बिहार में नई सरकार के गठन और संभावित राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है.
राजनीतिक हलकों में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं और मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है. वर्तमान में भाजपा के पास 89 विधायक हैं. ऐसी संभावना जताई जा रही है कि भाजपा मुख्यमंत्री पद संभाल सकती है, जबकि जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद मिल सकता है.
नितिन नबीन के नामांकन की संभावना
इसी बीच अन्य दलों के नेता भी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की तैयारी में हैं. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन और नेता शिवेश कुमार के नामांकन की संभावना है. वहीं, आरएलएम के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी चुनाव मैदान में उतर सकते हैं.
जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पुष्टि की है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा चल रही है. उन्होंने कहा कि जो भी निर्णय होगा, वह मुख्यमंत्री की सहमति से ही होगा और अंतिम फैसला भी वही करेंगे.
हालांकि इस संभावित फैसले को लेकर पार्टी के कुछ नेताओं और समर्थकों के बीच असंतोष की खबरें भी सामने आई हैं. इसी मुद्दे पर जेडीयू नेताओं की बैठक पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर हुई, जिसमें विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया.
इस बीच राजनीतिक हलचल के साथ ही मुख्यमंत्री आवास के अंदर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है. सूत्रों के मुताबिक उनके बेटे निशांत कुमार इन अटकलों से परेशान बताए जा रहे हैं. हालांकि, वे खुद किसी राजनीतिक पद की इच्छा नहीं रखते.
पार्टी सूत्रों का क्या कहना है?
पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार चलता है, तो नीतीश कुमार 16 मार्च तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं और उसके बाद नई राजनीतिक व्यवस्था का रास्ता साफ हो सकता है. ऐसे में बिहार की राजनीति आने वाले दिनों में बड़े बदलाव के दौर से गुजर सकती है.


