बजट 2026 में बड़ा ऐलान: जानिए क्या है 'खेलो इंडिया मिशन', जिससे भारत बनेगा स्पोर्ट्स पावर

बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय खेलों को नई दिशा देने के लिए 10 वर्षीय ‘खेलो इंडिया मिशन’ का प्रस्ताव रखा. इस मिशन का उद्देश्य देश में खेल विकास को संस्थागत रूप देना और भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में 10 साल के व्यापक "खेलो इंडिया मिशन" का प्रस्ताव रखा. इस मिशन का उद्देश्य देश में खेलों के विकास को अस्थायी योजनाओं से निकालकर एक मजबूत और टिकाऊ प्रणाली में बदलना है.

सरकार का मानना है कि यह पहल केवल नीति का विस्तार नहीं, बल्कि समाज के हर स्तर पर खेल संस्कृति को संस्थागत रूप देने का एक दीर्घकालिक रोडमैप है. खास तौर पर इसमें भारत की 2036 ओलंपिक खेलों की संभावित मेजबानी को ध्यान में रखकर रणनीति तैयार की गई है.

क्या है खेलो इंडिया मिशन 

खेलो इंडिया मिशन भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को फिर से ज़िंदा करने, खेल प्रतिभाओं को पहचानने और पूरे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए लॉन्च किया गया है. इसका मकसद भारत को एक महान खेल राष्ट्र बनाना और खेलों के ज़रिए युवाओं को सशक्त बनाना है.

स्थायी खेल पारिस्थितिकी तंत्र पर फोकस

"खेलो इंडिया मिशन" को एक ऐसे ढांचे के रूप में पेश किया गया है, जो प्रतिभा पहचान से लेकर उच्च प्रदर्शन तक खिलाड़ियों को निरंतर सहयोग प्रदान करेगा. इसका लक्ष्य इवेंट-केंद्रित तैयारी के बजाय प्रक्रिया-आधारित खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है.

मिशन के पाँच प्रमुख स्तंभ

एकीकृत प्रतिभा विकास कार्यक्रम

इस मिशन के तहत एथलीटों के लिए एक सुव्यवस्थित प्रशिक्षण नेटवर्क तैयार किया जाएगा. इसमें ग्रासरूट स्तर से लेकर मध्यवर्ती और विशिष्ट स्तर तक राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों सहित विशेष प्रशिक्षण केंद्र शामिल होंगे, ताकि खिलाड़ियों का हर चरण में सहज विकास हो सके.

सहायता प्रणालियों का व्यवसायीकरण

यह स्वीकार करते हुए कि चैंपियन अकेले नहीं बनते, मिशन एथलीटों के साथ-साथ विश्वस्तरीय कोच, रेफरी और सहायक स्टाफ के संगठित विकास पर भी ध्यान देगा. इससे खेल तंत्र को पेशेवर और टिकाऊ बनाया जाएगा.

तकनीक-आधारित प्रशिक्षण मॉडल

पहली बार खेल प्रशिक्षण में खेल विज्ञान, डेटा एनालिटिक्स और आधुनिक तकनीक के नियमित उपयोग का स्पष्ट जनादेश दिया गया है. इसका उद्देश्य वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रदर्शन को बेहतर बनाना और चोट के जोखिम को कम करना है.

प्रतिस्पर्धा की संस्कृति को बढ़ावा

सरकार पूरे वर्ष चलने वाली लीगों और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का एक संरचित कैलेंडर तैयार करेगी. इससे खिलाड़ियों को लगातार प्रतिस्पर्धी मंच मिलेगा और वे अपने करियर के शुरुआती दौर में ही मैच अनुभव हासिल कर सकेंगे.

भविष्य के लिए आधुनिक अवसंरचना

मिशन के तहत अत्याधुनिक खेल अवसंरचना विकसित की जाएगी, जो उच्च-प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्रों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी में भी सक्षम होगी.

रणनीतिक असर और बजटीय समर्थन

सरकार ने 3,794 करोड़ रुपये के खेल बजट का बड़ा हिस्सा इस दीर्घकालिक मिशन के लिए आवंटित किया है. इसके जरिए खेलों में आयोजन-केंद्रित सोच से हटकर दीर्घकालिक प्रक्रिया और निरंतर विकास पर जोर दिया गया है.

उम्मीद है कि "खेलो इंडिया मिशन" भारत को 2036 तक दुनिया के शीर्ष 10 खेल देशों में शामिल करने की दिशा में एक निर्णायक भूमिका निभाएगा.

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