छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षक का बड़ा फर्जीवाड़ा, फर्जी आय प्रमाण पत्र से कराया बेटी का एडमिशन
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. यहां एक शिक्षक ने अपनी बेटी को अच्छे स्कूल में पढ़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किया.

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र से सरकारी तंत्र को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए संचालित 'जवाहर उत्कर्ष योजना' का नाजायज फायदा उठाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में पुलिस ने एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को गिरफ्तार किया है.
खुद को बताया गरीब किसान
आरोपी शिक्षक ने अपनी बेटी को एक नामी निजी स्कूल में दाखिला दिलाने के लिए खुद को गरीब किसान बताकर वास्तविक आय छिपाई थी जिसका भंडाफोड़ पुलिस जांच में हो चुका है.
लिया योजना का लाभ
पत्थलगांव थाना प्रभारी विनय पांडे के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जब मामले की तहकीकात शुरू की तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए. प्राथमिक शाला जामझोर में पदस्थ शासकीय शिक्षक चमर साय पैंकरा ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में अपनी बेटी का कक्षा छठवीं में प्रवेश कराने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष एक झूठा शपथ पत्र दिया था.
शिक्षक ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ सुरक्षित करने के उद्देश्य से आवेदन पत्र में खुद को एक साधारण किसान घोषित कर दिया. उसने अपनी वार्षिक आय महज 75,000 रुपये दर्शाई जबकि हकीकत इसके बिल्कुल अलग थी.
वेतन पर्ची ने खोला राज
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह के कड़े निर्देशन में पुलिस टीम ने जब आरोपी शिक्षक के विभाग से उसकी आधिकारिक सैलरी स्लीप और वित्तीय दस्तावेजों को देखा तो बड़ा खुलासा सामने आया. खुलासे में ये पाया गया कि उसकी वार्षिक आय 6.79 लाख रुपये है। जो शपथ पत्र में दर्शाई गई आय से काफी ज्यादा है.
झूठे शपथ पत्र में दर्शाई आय
शपथ पत्र और वास्तविक आय के बीच का यह भारी अंतर साफ तौर पर सोची-समझी जालसाजी को प्रमाणित कर रहा था. शिक्षक की वेतन पर्ची ने उसकी पोल खोलकर रख दी.
पुलिस की सख्त कार्रवाई
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि सरकारी योजना में फर्जीवाड़े की शिकायत पर हुई जांच में पर्याप्त प्रमाण और तथ्य मिलने के बाद आरोपी शिक्षक चमर साय पैंकरा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी है. इस बड़ी कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों में भी खलबली मच गई है.


