जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से मची तबाही, हजारों वाहन फंसे, राहत कार्य में जुटे अधिकारी!

जम्मू-कश्मीर के रामबन इलाके में बादल फटने से भारी तबाही मची है. मलबे के चलते जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर हजारों वाहन फंस गए हैं और कई गांवों को नुकसान हुआ है. मुख्यमंत्री और प्रशासन के अधिकारी मौके पर राहत कार्यों का जायजा ले रहे हैं.

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Edited By: Aprajita

Cloudburst in Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर में इन दिनों मौसम ने कहर बरपा दिया है. ताजा घटना में रामबन इलाके में बादल फटने से भारी तबाही मची है. जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर मलबे के ढेर से हजारों वाहन फंसे हुए हैं और इस आपदा ने कई गांवों को प्रभावित किया है. बारिश, बर्फबारी और बाढ़ ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है. मौसम विभाग ने अब दोबारा अलर्ट जारी किया है, क्योंकि अगले कुछ दिनों में और भी बारिश की संभावना जताई गई है.

बादल फटने से तबाही, हाईवे पर फंसे हजारों वाहन

रामबन के सेरी बगना गांव में बादल फटने से जबरदस्त मलबा आया, जिससे जम्मू-श्रीनगर हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया. मलबे की चपेट में आए सैकड़ों वाहन हाईवे पर फंसे हुए हैं. राहत कार्य में सेना और एनडीआरएफ के टीमें जुटी हैं, जो फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम कर रही हैं. राहत कार्य में कई सामाजिक संगठन भी मदद कर रहे हैं, लेकिन तेज बारिश ने राहत कार्यों को बाधित किया है.

कश्मीर में मौसम बिगड़ा, बर्फबारी और बारिश का दौर

कश्मीर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. तीन दिन बाद मौसम में थोड़ा सुधार आया था, लेकिन सोमवार दोपहर के बाद एक बार फिर से बारिश शुरू हो गई. ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला भी जारी है. जम्मू संभाग में भी बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने 24 से 26 अप्रैल के बीच फिर से भारी बारिश की संभावना जताई है.

लद्दाख में बर्फबारी का नुकसान, फसलों और बुनियादी ढांचे को पहुंची क्षति

लद्दाख में अप्रत्याशित बर्फबारी ने फसलों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है. प्रदेश प्रशासन ने अब तक हुई क्षति का आकलन करने के लिए लेह और कारगिल जिलों में अभियान शुरू कर दिया है.

तबाही से प्रभावित गांव, रामबन में एक दर्जन से ज्यादा गांवों को हुआ नुकसान

रामबन इलाके में बादल फटने से करीब एक दर्जन से ज्यादा गांवों को नुकसान हुआ है. यहां की स्थिति बहुत खराब है और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं. प्रशासन और सेना ने राहत कार्य शुरू किया है और मलबे में दबे वाहनों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अन्य नेताओं का दौरा

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू से मंडलायुक्त रमेश कुमार ने रामबन का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्यों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए. वहीं, नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है और केंद्र सरकार से सहयोग की अपील की है.

रामबन में बादल फटने से हुई मौतें

रामबन में रविवार तड़के बादल फटने से भारी तबाही मची, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी. यह हादसा सेरी बगना गांव में हुआ, जहां मलबे में दबने से तीन लोग मारे गए. अब देखना यह है कि प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए किस तरह की रणनीति अपनाता है, क्योंकि सड़कें बंद होने से हजारों यात्री फंसे हुए हैं और राहत कार्यों को तेजी से जारी रखना बेहद जरूरी है.

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