CM हिमंता सरमा ने कांग्रेस के आरोपों को बताया झूठा, गौरव गोगोई समेत 3 पर ठोका 500 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि ये आरोप विपक्ष के द्वारा उनकी छवि को खराब करने के इरादे से लगाए गए है. सरमा ने अपने पर लगे आरोपों के खिलाफ कांग्रेस नेता गोगोई और दो अन्य लोगों के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का डिफेमेशन( मानहानि) का केस दर्ज कराया है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : असम की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग ने अब एक गंभीर कानूनी लड़ाई का रूप ले लिया है. मुख्यमंत्री ने अपनी छवि को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और दो अन्य नेताओं के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है. दूसरी ओर, कांग्रेस ने भाजपा के एक विवादित वीडियो को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें मुख्यमंत्री को कथित तौर पर राइफल चलाते दिखाया गया था. 

CM सरमा ने खटखटाया अदालत का दरवाजा 

आपको बता दें कि इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री सरमा का कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहना है कि कांग्रेस नेताओं ने बिना किसी पुख्ता सबूत के उन पर अत्यंत गंभीर और व्यक्तिगत आरोप लगाए हैं. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि लोकतांत्रिक राजनीति में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा बिगाड़ने के लिए सरासर झूठ का सहारा लेना अनुचित है. इसी के जवाब में उन्होंने अब अदालत का दरवाजा खटखटाया है. सरमा ने जोर देकर कहा कि वे इस कानूनी लड़ाई को तार्किक अंत तक ले जाएंगे.

मुख्यमंत्री को बंदूक चलाते हुए दिखाया गया 

दरअसल, असम कांग्रेस के विधायकों ने गुवाहाटी के दिसपुर पुलिस स्टेशन में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. यह पूरा विवाद शनिवार को भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किए गए एक वीडियो से शुरू हुआ. सोशल मीडिया पोस्ट में 'प्वाइंट ब्लैंक शॉट' शीर्षक के साथ मुख्यमंत्री को बंदूक चलाते हुए प्रदर्शित किया गया था. हालांकि, बढ़ते विवाद और विपक्ष के कड़े विरोध को देखते हुए भाजपा ने इस वीडियो को अपने प्लेटफॉर्म से तुरंत हटा दिया, लेकिन तब तक यह मुद्दा गर्मा चुका था.

विशेष समुदाय पर गोला चलाते हुए दिखाया गया 

वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि इस वीडियो में मुख्यमंत्री को एक विशेष समुदाय के पहनावे वाले व्यक्तियों पर बेहद करीब से गोली चलाते दिखाया गया है. वीडियो पर लिखे टेक्स्ट जैसे 'विदेशी मुक्त असम' और 'बांग्लादेशियों को कोई माफी नहीं' को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि ये शब्द सीधे तौर पर राज्य के विशेष मुस्लिम समुदाय की ओर इशारा करते हैं. शिकायत के अनुसार, ऐसी उकसाने वाली सामग्री राज्य के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने और सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की एक गहरी साजिश है.

वीडियो पर बोले सीएम हिमंत सरमा 

इस पूरे वीडियो विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने किसी भी वीडियो के बारे में जानकारी होने से पूरी तरह इनकार किया है. डिब्रूगढ़ में आयोजित एक जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी वीडियो या अन्य राज्यों में दर्ज किसी शिकायत की कोई खबर नहीं है. उन्होंने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई पुख्ता मामला दर्ज हुआ है, तो पुलिस उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर ले. वे जेल जाने के लिए भी तैयार हैं.

बढ़ता हुआ सियासी पारा

असम में मानहानि के मुकदमे और पुलिस शिकायतों के इस सिलसिले ने राज्य के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है. विपक्षी दल इसे भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति बता रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री इसे अपनी व्यक्तिगत गरिमा और सच की लड़ाई मान रहे हैं. कानूनी रास्तों के इस्तेमाल से यह लड़ाई अब केवल चुनावी रैलियों तक सीमित नहीं रही है. आने वाले दिनों में कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई यह तय करेगी कि राज्य की राजनीति किस दिशा में मुड़ती है और कौन सा पक्ष सही साबित होता है.

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