'कयामत के दिन तक भी नहीं होगा बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण'...बाराबंकी में जनसभा को संबोधित करते हुए बोले CM योगी
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों और कट्टरपंथी विचारधारा रखने वालों को कड़ा संदेश देते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा,' कयामत के दिन तक भी बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा.' जनसभा के दौरान राम मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, हम लोगों ने कहा था रामलला आएंगे, मंदरि वहीं बनाएंगे, और मंदिर वहीं बन गया.'

बाराबंकी : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी की एक विशाल जनसभा में राम मंदिर और बाबरी ढांचे को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक बयान दिया है. उनके इस संबोधन ने न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों और कट्टरपंथी विचारधारा के पैरोकारों को कड़ा संदेश देते हुए साफ किया कि अयोध्या में जहां राम मंदिर निर्मित हुआ है, वहां अब किसी और ढांचे की कल्पना करना पूरी तरह व्यर्थ है.
हमारा वादा अब एक सच्चाई चुकी है
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने जनसभा में राम मंदिर निर्माण के लंबे संघर्ष और उस संकल्प के पूरा होने की खुशी जाहिर की. उन्होंने भावुक होकर कहा कि "रामलला हम लाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे" का वादा अब एक भव्य सच्चाई बन चुका है. योगी ने जोर दिया कि भगवान श्रीराम का यह भव्य मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और अटूट विश्वास का अमर प्रतीक है. यह मंदिर भारतीय सांस्कृतिक विरासत के गौरव को दुनिया भर में पुनर्जीपित करने का एक महान माध्यम सिद्ध हुआ है.
बाबरी ढांचे पर कड़ा रुख
इसके साथ ही सीएम योगी ने उन ताकतों को सीधा संदेश दिया जो आज भी बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण के खोखले सपने देखते हैं. उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि कयामत के दिन तक भी बाबरी ढांचे का फिर से बनना अब नामुमकिन है. मुख्यमंत्री के अनुसार, जो लोग इस तरह की सोच रखते हैं, वे सड़-गल जाएंगे लेकिन उनका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने केसरिया ध्वज को सनातन धर्म और राष्ट्र के स्वाभिमान का शाश्वत और विजयी प्रतीक बताया.
अवसरवादी राजनीति पर तीखा प्रहार
संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने उन राजनेताओं पर भी निशाना साधा जो केवल संकट के समय ही प्रभु राम का नाम जपते हैं. उन्होंने ऐसे लोगों को 'अवसरवादी' बताते हुए कहा कि स्वार्थ की राजनीति करने वाले लोग राम को भूल चुके हैं, इसलिए अब भगवान भी उन्हें विस्मृत कर चुके हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर किसी एक जाति या समुदाय का नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता का है, लेकिन इसे राजनीतिक हथियार बनाने वालों का अंत निश्चित है.
कानून तोड़ने वालों को खुली चेतावनी
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री का अंदाज काफी आक्रामक और सख्त रहा. उन्होंने अपराधियों और अराजक तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा, "कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे." उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि जो लोग कानून की मर्यादा तोड़कर जन्नत जाने का सपना देख रहे हैं, उन्हें हकीकत में जहन्नुम का रास्ता दिखाया जाएगा. योगी ने वादा किया कि कानून से खिलवाड़ करने वालों को ऐसी सजा मिलेगी कि उनकी आने वाली सात पीढ़ियां भी उसे याद रखेंगी.
साजिशों के खिलाफ जनता का आह्वान
अंत में मुख्यमंत्री ने देश और सनातन धर्म के खिलाफ हो रही आंतरिक और बाहरी साजिशों के प्रति जनता को पूरी तरह सजग किया. उन्होंने कहा कि भारत और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं और इन्हें अलग करने की कोई भी कोशिश कभी सफल नहीं होगी. मुख्यमंत्री के अनुसार, कुछ लोग बिककर राष्ट्र विरोधी साजिशों का हिस्सा बन रहे हैं, जिनसे समाज को सावधान रहना होगा. उन्होंने जनता से एकजुट होकर ऐसी सभी राष्ट्रविरोधी और धर्मविरोधी ताकतों के खिलाफ खड़े रहने की अपील की.


