इन दो राज्यों के बीच चलेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, पूरा रूट हुआ फाइनल; रेल मंत्री ने बताया कितना होगा किराया?
भारतीय रेलवे जनवरी 2026 में कोलकाता–गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करेगा. हाई-स्पीड ट्रायल सफल रहा. ट्रेन में आरामदायक बर्थ, आधुनिक सुरक्षा, डिजिटल सुविधाएं और ऊर्जा बचाने वाली तकनीक शामिल है. किराया प्रति किलोमीटर 3.80 रुपये होगा.

नई दिल्लीः भारतीय रेलवे एक बार फिर यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक यात्रा का अनुभव देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है. केंद्र सरकार ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रूट का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह ट्रेन कोलकाता और गुवाहाटी के बीच चलाई जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस ऐतिहासिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे.
किस रूट पर चलेगी पहली स्लीपर वंदे भारत?
रेल मंत्री के अनुसार, यह देश की पहली वंदे भारत ट्रेन होगी जिसमें यात्रियों को रात में यात्रा करने के लिए स्लीपर सुविधा मिलेगी. इससे पहले वंदे भारत ट्रेनें केवल चेयर कार श्रेणी में चल रही थीं. कोलकाता और गुवाहाटी जैसे लंबे रूट पर स्लीपर ट्रेन की शुरुआत पूर्वोत्तर भारत के लिए एक बड़ी सौगात मानी जा रही है.
किराया दूरी के आधार पर तय
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया किलोमीटर के हिसाब से तय किया गया है. फर्स्ट एसी श्रेणी में यात्रियों को प्रति किलोमीटर 3 रुपये 80 पैसे का भुगतान करना होगा. माना जा रहा है कि किराया अन्य प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में प्रतिस्पर्धी रहेगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा के साथ उचित कीमत पर यात्रा का विकल्प मिलेगा.
हाई-स्पीड ट्रायल रहा सफल
हाल ही में स्वदेशी तकनीक से बनी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया. यह परीक्षण कोटा–नागदा सेक्शन पर हुआ, जहां ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की. यह ट्रायल रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की निगरानी में किया गया था.
तकनीकी परीक्षणों में खरा उतरा प्रदर्शन
ट्रायल के दौरान ट्रेन की राइड क्वालिटी, कंपन, ब्रेकिंग सिस्टम, इमरजेंसी ब्रेक, सुरक्षा तंत्र और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई. सभी मानकों पर ट्रेन का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया, जिसके बाद CRS ने इसे सफल घोषित कर दिया.
सोशल मीडिया पर दिखी तकनीक की झलक
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाई-स्पीड ट्रायल का वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया. वीडियो में देखा गया कि तेज रफ्तार के बावजूद पानी से भरे गिलास स्थिर रहे और पानी नहीं छलका. इससे ट्रेन की बेहतरीन स्थिरता, आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम और उन्नत तकनीक का प्रदर्शन हुआ.
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं. इनमें आरामदायक स्लीपर बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे, आधुनिक शौचालय, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, फायर डिटेक्शन सिस्टम और ऊर्जा बचाने वाली तकनीक शामिल हैं.
सुरक्षा के लिहाज से भी अत्याधुनिक
ट्रेन में कवच सुरक्षा प्रणाली, झटके रहित सेमी-परमानेंट कपलर, फायर बैरियर दरवाजे, रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम और आपात स्थिति में इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं. दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष शौचालय और सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम भी इसमें शामिल हैं.
जल्द शुरू होगी सेवा
रेल मंत्री ने बताया कि अगले छह महीनों में आठ वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाई जाएंगी, जबकि साल के अंत तक कुल 12 नई स्लीपर ट्रेनें तैयार हो जाएंगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोलकाता–गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जनवरी में ही शुरू होगी. अंतिम उद्घाटन तारीख का ऐलान जल्द किया जाएगा और 15–20 दिनों के भीतर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा.


