फंडिंग से लेकर डिनर मीटिंग तक, अनिल अंबानी और एपस्टीन की चैट्स ने बढ़ाई सियासी हलचल

अमेरिकी न्याय विभाग की फाइलों में अनिल अंबानी और जेफरी एपस्टीन के बीच हुई कारोबारी बातचीत का जिक्र सामने आया है. दस्तावेजों के खुलासे के बाद भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है और जांच की मांग उठ रही है.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: अमेरिका से सामने आए नए दस्तावेजों ने उद्योग और राजनीति की दुनिया में हलचल मचा दी है. अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई फाइलों में भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी और अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के बीच हुई बातचीत का उल्लेख है. इन दस्तावेजों में दोनों के बीच कारोबारी मुद्दों पर चर्चा होने के संकेत मिलते हैं, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेजों की जांच में अनिल अंबानी का नाम कई बार दर्ज पाया गया है. 

रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों के बीच फरवरी 2017 से मई 2019 के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हुआ. इन संदेशों में व्यापारिक निवेश, वित्तपोषण और रक्षा क्षेत्र में संभावित अवसरों जैसे विषयों पर चर्चा की गई थी. एक बातचीत में अनिल अंबानी ने कॉर्पोरेट स्तर पर फंडिंग की व्यवस्था को लेकर सहायता की बात की. जवाब में एपस्टीन ने अपने संपर्कों और संसाधनों का जिक्र करते हुए सहयोग की पेशकश की. दस्तावेजों से यह भी संकेत मिलता है कि दोनों एक-दूसरे से मुलाकात कर चुके थे और निजी स्तर पर भी संपर्क में थे.

विवादित टिप्पणियां और सवाल

जारी संदेशों में कुछ निजी और विवादित बातचीत का भी जिक्र है, जिसने मामले को और संवेदनशील बना दिया है. इन संदेशों से यह आभास होता है कि एपस्टीन अपने प्रभावशाली संपर्कों का इस्तेमाल सामाजिक और कारोबारी रिश्ते मजबूत करने के लिए करता था. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन बातचीत का कोई ठोस कारोबारी परिणाम निकला या नहीं. फिर भी, इन खुलासों ने भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया को जन्म दिया है.

राजनीतिक प्रतिक्रिया

भारत में विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने पूछा है कि यदि नाम दस्तावेजों में सामने आया है तो जांच क्यों नहीं की गई. कुछ नेताओं ने केंद्रीय मंत्रियों पर भी निशाना साधा है, जबकि सरकार की ओर से आरोपों को खारिज किया गया है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच

एपस्टीन से जुड़े मामलों की जांच केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है. अन्य देशों में भी संबंधित व्यक्तियों और संपर्कों की समीक्षा की जा रही है. फ्रांस में विशेष टीम बनाई गई है जो फाइलों का विश्लेषण कर संभावित आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही है. वहां कुछ पुराने मामलों को फिर से खोला गया है ताकि नई जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके.

एपस्टीन का विवादित अतीत

जेफरी एपस्टीन पहले भी यौन अपराध के मामलों में दोषी ठहराया जा चुका था. 2019 में गिरफ्तारी के बाद हिरासत के दौरान उसकी मौत हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया. उसके संपर्क दुनिया के कई प्रभावशाली और संपन्न लोगों से रहे थे, जिससे यह मामला लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है.

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