'मैं एप्सटीन से 3-4 बार मिला क्योंकि...,' राहुल गांधी के आरोपों पर हरदीप सिंह पुरी ने दिया जवाब; बता दी पूरी सच्चाई
लोकसभा में भाषण के दौरान राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए हरदीप सिंह पुरी का नाम जोड़ा था. इन आरोपों पर बात करते हुए पुरी ने पूरी सच्चाई बताई है.

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राहुल गांधी के लगाए गए गंभीर आरोपों का करारा जवाब दिया है. राहुल गांधी ने लोकसभा में भाषण के दौरान एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए पुरी का नाम लिया था और उन्हें जेफरी एपस्टीन से जोड़ा था. पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी मुलाकातें पूरी तरह पेशेवर थी.
एपस्टीन से पुरी की सिर्फ 3-4 बार हुई मुलाकात
हरदीप पुरी ने कहा कि उन्होंने कुख्यात अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से केवल 3 या अधिकतम 4 बार मुलाकात की थी. यह मुलाकातें इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (आईपीआई) के शांति प्रतिनिधिमंडल के दौरान हुई थी.
उन्होंने बताया, "मेरे आईपीआई में बॉस टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे. मैं प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में उनसे मिला था. इन मुलाकातों का एपस्टीन पर लगे यौन अपराधों से कोई संबंध नहीं है."
Union Minister Hardeep Singh Puri says, "Congress leader Supriya Shrinate raised in an email - 'who introduced Hardeep Puri, I presume to Epstein...' These facts are known in the public domain. Three million emails have been released. I was in New York for 8 years, from May… https://t.co/zdCBWeam63 pic.twitter.com/ekeaxebQ4u
— ANI (@ANI) February 11, 2026
पुरी ने आगे कहा कि 2009 से जब वे न्यूयॉर्क में भारत के संयुक्त राष्ट्र राजदूत थे, तब से 2017 तक मंत्री बनने की अवधि में अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 लाख से ज्यादा ईमेल और दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं.
इनमें सिर्फ 3-4 मुलाकातों का जिक्र है. सभी बातचीत बहुपक्षवाद, स्वतंत्र आयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित थी. उन्होंने कहा, "आठ साल में सिर्फ दो संदर्भ और एक ईमेल आदान-प्रदान हुआ, क्योंकि आईपीआई के लोग ही मुझे उनसे मिलवाते थे."
ईमेल का उदाहरण देकर दी सफाई
मंत्री ने एक ईमेल का हिस्सा पढ़कर सुनाया, जिसमें वे लिंक्डइन के पूर्व प्रमुख रीड हॉफमैन को भारत की इंटरनेट अर्थव्यवस्था की संभावनाओं के बारे में बता रहे थे. उन्होंने कहा कि एपस्टीन ने उन्हें 'दोमुंहा' कहा था, क्योंकि वे उनकी गतिविधियों में रुचि नहीं रखते थे.
पुरी ने जोर दिया कि एपस्टीन फाइल्स आपराधिक मामलों, बाल यौन शोषण और उसके द्वीप पर होने वाली घटनाओं से जुड़ी हैं, जिनका उनसे कोई लेना-देना नहीं.
राहुल गांधी पर निशाना
पुरी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें आरोप लगाने से पहले तथ्य जांचने चाहिए. उन्होंने इसे राजनीतिक नाटक बताया और कहा कि सभी जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है. बता दें, एपस्टीन पर 2019 में यौन तस्करी के आरोप लगे थे और उनकी मौत जेल में हो गई थी.


