अमेरिकी एयरस्पेस में घुसा मैक्सिकन कार्टेल ड्रोन...ट्रंप प्रशासन ने बंद किया El Paso एयरपोर्ट

मेक्सिकन ड्रग कार्टेल के ड्रोनों द्वारा अमेरिकी हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के बाद टेक्सास के एल पासो एयरपोर्ट का एयरस्पेस अचानक बंद कर दिया गया. हालांकि, पेंटागन द्वारा ड्रोनों को निष्क्रिय करने के बाद उड़ानें फिर से बहाल कर दी गईं.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : अमेरिका के टेक्सास राज्य में स्थित एल पासो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सुरक्षा कारणों से हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद कर दिया गया. यह औचक फैसला मेक्सिकन ड्रग कार्टेल के ड्रोनों की घुसपैठ के कारण लिया गया. संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने शुरुआत में इसे एक बड़े खतरे के रूप में देखा और 10 दिनों के लिए उड़ानों पर रोक लगा दी. हालांकि, पेंटागन की त्वरित कार्रवाई के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया और हवाई मार्ग फिर से खोल दिए गए.

थोड़े समय के लिए बंद हुआ एयरस्पेस

आपको बता दें कि संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने शुरुआत में 11 से 20 फरवरी तक पूरे 10 दिनों के लिए एल पासो और पड़ोसी सांता टेरेसा के ऊपर उड़ानें रोकने का कड़ा आदेश जारी किया था. इस क्षेत्र को 'राष्ट्रीय रक्षा हवाई क्षेत्र' घोषित कर दिया गया, जिससे वाणिज्यिक, कार्गो और सामान्य विमानों का उड़ना असंभव हो गया. स्थानीय समयानुसार मंगलवार रात 11:30 बजे से प्रभावी हुए इस आदेश ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया, क्योंकि ड्रोन घुसपैठ को एक बड़ा खतरा माना गया.

पेंटागन ने ड्रोनों को हवा में ही डिसेबल कर दिया 

जब मेक्सिकन कार्टेल के ड्रोनों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा लांघकर अमेरिकी सीमा में प्रवेश किया, तो रक्षा विभाग सक्रिय हो गया. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि पेंटागन ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर इन विदेशी ड्रोनों को हवा में ही निष्क्रिय (डिसेबल) कर दिया. इस सफल सैन्य ऑपरेशन के बाद ही परिवहन सचिव शॉन डफी ने जनता को आश्वस्त किया कि अब वाणिज्यिक यात्रा के लिए कोई खतरा नहीं है और हवाई प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटाया जा रहा है.

आम यात्रियों पर दिखा बुरा असर 

अचानक लिए गए इस फैसले का सबसे बुरा असर आम यात्रियों पर पड़ा. आधी रात को एयरपोर्ट बंद होने की खबर से सैकड़ों लोग हवाई अड्डे पर ही फंस गए. कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को रद्द या डायवर्ट करना पड़ा, जिससे यात्रियों में गुस्सा और अनिश्चितता का माहौल दिखा. हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे रिफंड या री-शेड्यूलिंग की जानकारी के लिए अपनी एयरलाइंस से संपर्क करें. सुरक्षा कारणों से दी गई छोटी नोटिस ने प्रबंधन के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दीं.

कुछ ही घंटों में हटा लिए गए प्रतिबंध 

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी व्यस्त हवाई क्षेत्र को 10 दिनों के लिए बंद करने का प्रस्ताव एक अत्यंत असाधारण कदम है. आमतौर पर ऐसी कार्रवाई केवल किसी बहुत बड़े सुरक्षा खतरे, युद्ध जैसी स्थिति या गुप्त सैन्य अभियान के दौरान ही की जाती है. हालांकि कुछ ही घंटों में प्रतिबंध हटा लिया गया, लेकिन इस घटना ने सीमावर्ती हवाई क्षेत्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. गृह सुरक्षा विभाग ने अभी तक घुसपैठ के पीछे की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है.

किसी भी हमले से बचने के लिए सुरक्षा बल तैनात 

अमेरिकी परिवहन सचिव शॉन डफी ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि विभाग ऑफ वॉर (DOW) और FAA ने मिलकर इस संकट को टाल दिया है. उन्होंने कहा कि सीमा पार से आने वाले किसी भी संदिग्ध ड्रोन या विमान से निपटने के लिए सुरक्षा बल अब और भी अधिक मुस्तैद हैं. फिलहाल एल पासो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सामान्य परिचालन शुरू हो गया है, लेकिन विशेषज्ञ इसे एक बड़ी चेतावनी मान रहे हैं. भविष्य में ऐसी घुसपैठ रोकने के लिए नई नीतियां बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है.

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