'शादी के लिए विदेश से Virgin लड़कियां मंगवाओ!' नेता का बयान हुआ वायरल, पार्टी ने तुरंत किया सस्पेंड
महिलाओं को लेकर एक नेता ने ऐसा बयान दिया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद का कारण बन गया है. नेता ने बयान में कहा कि आबादी बढ़ाने के लिए विदेश से वर्जिन लड़कियां लानी पड़ेगी.

नई दिल्ली: दक्षिण कोरिया में जनसंख्या घटने की समस्या गंभीर है. दुनिया में सबसे कम जन्म दर वाला देश होने के कारण वहां सरकार और नेता लगातार समाधान ढूंढ रहे हैं, लेकिन एक स्थानीय नेता के विवादास्पद बयान ने पूरे देश में आक्रोश फैला दिया.
उन्होंने आबादी बढ़ाने के लिए विदेश से "वर्जिन लड़कियों का आयात" को लाने का सुझाव दिया, जिसके बाद उन्हें अपनी पार्टी से निकाल दिया गया.
क्या था विवादित बयान?
दक्षिण जेओला प्रांत के जिन्दो काउंटी के प्रमुख किम ही-सू ने पिछले सप्ताह एक सार्वजनिक बैठक में यह बात कही. बैठक ग्वांगजू शहर और दक्षिण जेओला प्रांत के प्रशासनिक एकीकरण पर हो रही थी. लाइव प्रसारित इस मीटिंग में किम ने कहा कि अगर एकीकरण होता है तो जनसंख्या घटने की समस्या से निपटने के लिए कानून बनाना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा कि अगर इससे काम नहीं बना तो श्रीलंका या वियतनाम जैसे देशों से युवा कुंवारी लड़कियां लानी चाहिएं, ताकि ग्रामीण इलाकों के अविवाहित लड़के शादी कर सकें. यह बयान तुरंत वायरल हो गया. लोगों ने इसे महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक, लैंगिक भेदभाव वाला और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया. महिलाओं को "आयात" की वस्तु बताने पर भारी विरोध हुआ.
पार्टी ने की सख्त कार्रवाई
बयान के बाद दक्षिण कोरिया की सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी (डीपीके) में हड़कंप मच गया. पार्टी ने तुरंत बैठक बुलाई और 9 फरवरी को किम ही-सू को पार्टी से निकाल दिया. पार्टी के प्रवक्ता पार्क सू-ह्यून ने कहा कि सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया. कारण था विदेशी महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी.
किम ने अगले दिन माफी मांगी. उन्होंने कहा कि उनका मतलब ग्रामीण इलाकों में शादी और जन्म दर बढ़ाने के लिए विदेशी महिलाओं की संख्या बढ़ाने से था, लेकिन "आयात" शब्द गलत चुन लिया. फिर भी माफी से विवाद कम नहीं हुआ.
अंतरराष्ट्रीय विरोध और आक्रोश
वियतनाम के दूतावास ने दक्षिण कोरिया के प्रांत और काउंटी को विरोध पत्र भेजा. कई नागरिक समूहों और महिलाओं के संगठनों ने इसे नस्लवादी और सेक्सिस्ट बताया. सोशल मीडिया पर लोग इसे "शर्मनाक" और "पुरानी सोच" कह रहे हैं. दक्षिण कोरिया में जनसंख्या संकट के लिए कई उपाय हो रहे हैं, लेकिन ऐसे बयान समस्या को और बढ़ाते हैं.


