जिंदा लाश और बेशर्म CM...RJD ने नीतीश पर साधा निशाना तो JDU ने किया पलटवार, कहा-काश ऐशा लाश तुम्हारा बाप भी होता

बिहार की राजनीति में राजद और जदयू के बीच भाषाई मर्यादा तार-तार हो गई है. राजद ने नीतीश कुमार को 'जिंदा लाश' कहा तो जदयू ने लालू-राबड़ी पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें बिहार का शोषक और लुटेरा बताया. इस वाकयुद्ध ने राज्य में भारी सियासी घमासान पैदा कर दिया है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पटना : बिहार की सियासी बिसात पर इन दिनों मर्यादा की हर सीमा लांघी जा रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल के बीच शुरू हुआ वाकयुद्ध अब अत्यंत अपमानजनक निजी हमलों और परिवार तक जा पहुंचा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'जिंदा लाश' और 'बेशर्म' जैसे आपत्तिजनक शब्दों का खुलकर प्रयोग किया जा रहा है. इस घमासान ने न केवल राज्य की वर्तमान राजनीति को काफी गर्मा दिया है, बल्कि आम जनता के बीच भी बड़े नेताओं की गिरती भाषाई शालीनता और संवेदनशीलता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जो चिंताजनक हैं.

राजद ने फेसबूक से CM नीतीश पर साधा निशाना

आपको बता दें कि राजद ने बुधवार को एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री पर सीधा प्रहार किया. पोस्ट में नीतीश कुमार को 'जिंदा लाश' और 'बेशर्म' कहकर संबोधित किया गया. राजद का दावा है कि यदि नीतीश कुछ समय और सत्ता में रहे, तो बिहार एक मृत राज्य में तब्दील हो जाएगा. तेजस्वी यादव की पार्टी ने नीतीश के शासन को राज्य के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा बताया. इस पोस्ट ने सियासी गलियारों में एक नया और अत्यंत गंभीर विवाद खड़ा कर दिया है जिससे हलचल मची है.

राजद के पोस्ट पर जेदयू का पलटवार

हालांकि, राजद के इस प्रहार का जवाब जदयू ने और भी आक्रामक अंदाज में दिया. जदयू ने राजद की पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए सीधे लालू-राबड़ी परिवार पर हमला बोला. उन्होंने लिखा कि नीतीश ने बिहार को नर्क से निकालकर संवारा है. जदयू ने आरोप लगाया कि लालू और राबड़ी ने अपने शासनकाल में केवल स्वार्थ के लिए बिहार का खून चूसा और उसे बदहाल बनाया. पार्टी ने तेजस्वी के लिए 'नौवीं फेल लुटेरा' जैसे विशेषणों का उपयोग कर राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है.

विधान परिषद से हुई विवाद की शुरुआत

इस विवाद की असली शुरुआत बिहार विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान हुई एक घटना से हुई. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 'लड़की' कहकर संबोधित किया था. इस टिप्पणी को विपक्षी दल ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक और संकीर्ण मानसिकता का प्रतीक करार दिया. राजद के सदस्यों ने सदन के अंदर और बाहर इस पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया. इसी घटना के बाद से दोनों दलों के बीच भाषाई मर्यादाओं का पवित्र बांध पूरी तरह टूट गया.

तेजस्वी ने CM के मानसिक स्वास्थ्य पर उठाए सवाल 

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. तेजस्वी ने दावा किया कि नीतीश कुमार अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों के प्रभाव में हैं, जिससे उनकी सोच प्रभावित हो रही है. राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अब बिहार के शासन चलाने के योग्य नहीं रहे. उन्होंने भाजपा पर भी तंज कसा कि वे नीतीश के सहारे अपनी डूबती राजनीतिक साख को बचाने की एक नाकाम कोशिश कर रही है.

राबड़ी के बयान के बाद CM ने खो बैठा आपा 

राजद ने केवल व्यक्तिगत हमले ही नहीं किए, बल्कि राज्य में बढ़ते अपराधों पर भी सरकार को घेरा. राजद प्रवक्ता के अनुसार बिहार में महिलाओं के प्रति हिंसा और बलात्कार की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. जब राबड़ी देवी ने सदन में सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल उठाए, तो मुख्यमंत्री अपना आपा खो बैठे और अमर्यादित भाषा का सहारा लेने लगे. विपक्ष का मानना है कि सत्ता पक्ष जनहित के असल मुद्दों पर जवाब देने के बजाय ओछी राजनीति और अभद्र भाषा का उपयोग कर रहा है.

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