रोहरू गिरफ्तारी पर हिमाचल-दिल्ली पुलिस आमने-सामने, ट्रांजिट रिमांड के बाद खत्म हुआ विवाद

हिमाचल प्रदेश और दिल्ली पुलिस के बीच रोहरू से हुई गिरफ्तारी को लेकर शुरू हुआ विवाद देर रात अदालत के आदेश के बाद शांत हुआ. ट्रांजिट रिमांड मंजूर होने पर दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हो गई, हालांकि दिनभर दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तीखी बहस और कानूनी खींचतान जारी रही.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश और दिल्ली पुलिस के बीच बुधवार को चला टकराव आखिरकार गुरुवार तड़के थमता नजर आया. दिनभर चले हाई-वोल्टेज घटनाक्रम, कानूनी बहस और हिरासत के बाद दिल्ली पुलिस तीन आरोपियों को लेकर शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हो गई.

यह पूरा घटनाक्रम रोहरू से हुई गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ, जब हिमाचल प्रदेश पुलिस ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए टीम को विभिन्न स्थानों पर रोका. देर रात अदालत में सुनवाई और ट्रांजिट रिमांड मंजूर होने के बाद ही दिल्ली पुलिस आरोपियों को अपने साथ ले जा सकी.

रोहरू से गिरफ्तारी और शुरुआत हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने बुधवार तड़के करीब 5:30 बजे शिमला जिले के रोहरू क्षेत्र से तीन युवकों -सौरभ सिंह, अरबाज खान और सिद्धार्थ अवधूत को गिरफ्तार किया. इसके बाद टीम उन्हें शिमला की ओर लेकर रवाना हुई.

हालांकि सूचना मिलने पर हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सोलन जिले के धरमपुर में दिल्ली पुलिस की टीम को रोक लिया और आरोपियों सहित हिरासत में ले लिया.

शोघी बैरियर पर फिर टकराव

दिनभर चली कानूनी प्रक्रिया के बीच शाम को जब दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली ले जाने की कोशिश की, तो शिमला के बाहरी क्षेत्र शोघी बैरियर पर एक बार फिर उन्हें रोक दिया गया. दोनों राज्यों की पुलिस टीमों के बीच तीखी बहस हुई.

अधिकारियों के अनुसार, बाद में शिमला पुलिस ने जब्त किए गए सभी वाहनों को छोड़ दिया, जिससे दिल्ली पुलिस आरोपियों और जब्त सामग्री के साथ आगे बढ़ सकी.

"दिल्ली पुलिस शिमला के शोगी बैरियर से रवाना हो चुकी है..."

नाम न बताने की शर्त पर दिल्ली पुलिस के एक जवान ने कहा,"दिल्ली पुलिस शिमला के शोगी बैरियर से रवाना हो चुकी है. दिल्ली पुलिस ने शिमला पुलिस को जब्ती का ज्ञापन सौंप दिया है. दिल्ली पुलिस के अधिकारी अपने साथ आरोपी की डीवीआर और जब्त की गई थार गाड़ी ले गए हैं. अब दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को दिल्ली के स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी."

उन्होंने आगे कहा,"मौके पर बहस हुई और सवाल उठाए गए कि शिमला पुलिस कानून के तहत हमारी गाड़ी को जब्त करने की कोशिश कैसे कर रही है. उसके बाद, शिमला पुलिस, जिसने हमारी सभी गाड़ियों को हिरासत में लिया था, ने आखिरकार उन्हें छोड़ दिया. अब लगभग शाम के 6 बज रहे हैं और हम आखिरकार जा रहे हैं. हमें काफी देर तक हिरासत में रखा गया था."

एसीपी राहुल विक्रम का बयान

दिल्ली पुलिस के एसीपी राहुल विक्रम ने कहा,"हमने उन्हें ज़ब्ती का मेमो दे दिया है. यह हमारी सरकारी गाड़ी है जिसमें सामान रखा हुआ था, इसलिए इसे ज़ब्त नहीं किया जा सकता था. आखिरकार, हम सब अब जा रहे हैं. हमें बहुत देर तक हिरासत में रखा गया."

देर रात अदालत में सुनवाई, ट्रांजिट रिमांड मंजूर

देर रात की अदालती कार्यवाही के बाद तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया. शिमला की स्थानीय अदालत में गुरुवार तड़के सुनवाई हुई, जहां एसीजेएम-II एकांश कपिल के समक्ष आरोपियों को लगभग 1:00 बजे पेश किया गया.

सुनवाई के बाद दिल्ली पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका स्वीकार कर ली गई, जिससे टीम को आरोपियों को दिल्ली ले जाने की अनुमति मिल गई.

कानूनी दलीलें और आपत्तियां

अभियुक्तों के वकील संदीप दत्ता ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए कहा कि उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. उन्होंने मीडिया को बताया कि बचाव पक्ष ने "अवैध हिरासत", दस्तावेजों की कमी और गिरफ्तारी के समय चिकित्सीय जांच न होने के आधार पर पारगमन रिमांड का विरोध किया.

वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से अधिवक्ता नंद लाल ठाकुर ने दलील दी कि पारगमन रिमांड आवेदन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जिन्होंने इसे स्थानीय अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट को भेजा और वहां से मंजूरी मिल गई.

उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों को अब दिल्ली ले जाकर सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, क्योंकि मामला अभी जांच के अधीन है.

आगे की प्रक्रिया

ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम गुरुवार सुबह लगभग 5:55 बजे शोघी बैरियर से आरोपियों और जब्त सामग्री के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गई. अब आगे की कानूनी प्रक्रिया दिल्ली की स्थानीय अदालत में पूरी की जाएगी.

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