मैंने टाला भारत-PAK युद्ध... भारत में टैरिफ बम फोड़ने के बाद ट्रंप ने दोहराया अपना दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के चार दिन के सैन्य संघर्ष को संभाला, जो परमाणु युद्ध में बदल सकता था. उन्होंने बताया कि इस संघर्ष में पांच से छह विमान गिराए गए. ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध व्यापार समझौतों के कारण रुका. भारत ने इस मध्यस्थता को खारिज किया और कहा कि दोनों देशों ने बातचीत से युद्ध रोका था.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Trump On Tariff : भारत पर 50 % टैरिफ लगान के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने एक बार फिर से दावा किया है कि वर्ष 2025 में चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष के दौरान हालात परमाणु युद्ध तक पहुंच सकते थे, लेकिन उनकी मध्यस्थता से स्थिति को नियंत्रित किया गया. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में यह बयान उस समय दिया जब वे अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान की उपस्थिति में एक त्रिपक्षीय शांति समझौते पर हस्ताक्षर करवा रहे थे.

संघर्ष के दौरान गिराए गए पांच या छह विमान 

इसके साथ ही अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि इस संघर्ष के दौरान पांच या छह विमान गिराए गए थे, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये विमान भारत के थे या पाकिस्तान के. इससे पहले भी ट्रंप ऐसे कई दावे कर चुके हैं जिनमें उन्होंने खुद को वैश्विक संकटों को सुलझाने वाला बताया है. भारत की ओर से इस दावे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन भारत का रुख पहले से साफ रहा है कि पाकिस्तान के साथ तनाव को शांति से, बातचीत के ज़रिए सुलझाया गया था, न कि किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से.

ट्रेड डील को बताया समाधान का जरिया
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को व्यापार समझौतों के ज़रिए हल किया. उनके अनुसार, यह व्यापारिक पहल ही थी जिसने दोनों देशों को पीछे हटने पर मजबूर किया और स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने में मदद की. ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम को अपनी एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया और कहा कि दुनिया में शांति और स्थिरता लाना उनका लक्ष्य रहा है.

भारत-पाक संबंधों में अमेरिका की भूमिका?
भारत हमेशा से इस बात पर ज़ोर देता आया है कि पाकिस्तान के साथ उसके द्विपक्षीय संबंधों में कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थता नहीं कर सकता. हालांकि ट्रंप बार-बार ऐसे दावे करते रहे हैं जिनका भारत ने या तो खंडन किया है या अनदेखा किया है. यह ताज़ा बयान भी उसी सिलसिले की एक कड़ी माना जा रहा है.

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