भारत का UAE-सऊदी सहित खाड़ी देशों के साथ ट्रेड डील का रास्ता साफ, अमेरिका-EU के बाद अब गल्फ पर कब्जा!
आज भारत और जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत शुरू करने के लिए टीओआर पर हस्ताक्षर किया है. जिसकी जानकारी खुद पीयूष गोयल ने की है.

नई दिल्ली: एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की बातचीत शुरू करने के लिए शर्तों टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह फैसला 5 फरवरी 2026 को हुआ, जिसकी घोषणा केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की. जीसीसी में यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान शामिल हैं.
टीओआर पर हस्ताक्षर का महत्व
यह हस्ताक्षर लंबे समय से रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने का रास्ता खोलता है. 2006 और 2008 में दोनों पक्षों के बीच दो दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन उसके बाद प्रक्रिया रुक गई थी. अब टीओआर पर सहमति से समझौते की रूपरेखा, दायरा और नियम तय हो गए हैं.
गोयल ने कहा कि यह मजबूत समझौता वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को बढ़ावा देगा, निवेश को आकर्षित करेगा और दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत करेगा.
भारत के लिए फायदेमंद समझौता
भारत के लिए यह समझौता खास तौर पर फायदेमंद है क्योंकि जीसीसी देशों से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा आयात होता है. गोयल ने बताया कि यह भारत की ऊर्जा स्रोतों को विविध बनाने में मदद करेगा. वर्तमान में भारत और जीसीसी के बीच व्यापार करीब 179 अरब डॉलर का है. समझौता होने पर निवेश, रोजगार और खाद्य-ऊर्जा सुरक्षा में सुधार होगा.
पहले से मौजूद द्विपक्षीय समझौते
भारत ने पहले ही यूएई के साथ 2022 में मुक्त व्यापार समझौता लागू किया है. इसी तरह ओमान के साथ 18 दिसंबर 2025 को व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) पर हस्ताक्षर हुए हैं. ये समझौते जीसीसी के साथ बड़े समझौते की नींव तैयार कर रहे हैं.
राष्ट्रपति शेख मोहम्मद की भारत यात्रा
यह कदम यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हाल ही में हुए व्यापार समझौतों के बाद आया है. यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद की हालिया भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंध और मजबूत हुए हैं. कुछ समय पहले यूएई ने पाकिस्तान के साथ एक हवाई अड्डा समझौते को रद्द किया था, जिसे भारत के साथ बढ़ते रिश्तों से जोड़ा जा रहा है.


