मजदूरी विवाद ने लिया जातीय रंग, दरभंगा में 200 से ज्यादा ब्राह्मणों पर SC/ST एक्ट के तहत FIR
बिहार के दरभंगा जिले में मजदूरी भुगतान को लेकर हुआ विवाद अब बड़े सामाजिक और कानूनी टकराव में बदल गया है. हरिनगर गांव में इस मामले में 200 से अधिक लोगों पर SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज होने से तनाव की स्थिति बनी हुई है.

दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के हरिनगर गांव में मजदूरी भुगतान को लेकर शुरू हुआ एक विवाद अब गंभीर सामाजिक और कानूनी संकट में बदल गया है. इस मामले में गांव के ब्राह्मण समुदाय के 200 से अधिक लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है.
पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में 12 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है.
मजदूरी भुगतान से शुरू हुआ विवाद
मामले की जड़ एक दलित परिवार द्वारा लगाए गए आरोप हैं. शिकायत के अनुसार, घर निर्माण कार्य के लिए की गई मजदूरी की लगभग ₹2.5 लाख की राशि का भुगतान नहीं किया गया. इसी को लेकर 30 जनवरी को गांव में पंचायत भी हुई थी, लेकिन बातचीत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका.
अगले ही दिन, यानी 31 जनवरी को दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई. इसी घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और FIR दर्ज की गई.
जातीय गालियों और धमकी का आरोप
SC/ST समुदाय की ओर से दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान जातिसूचक गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई. इसी आधार पर पुलिस ने SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया.
गौरतलब है कि 30 जनवरी को ब्राह्मण समुदाय की ओर से भी पुलिस में शिकायत दी गई थी, लेकिन आरोप है कि उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.
जो गांव में नहीं रहते, उनके भी नाम FIR में
पीड़ित पक्ष ने अपनी शिकायत में 70 लोगों को नामजद किया है, जबकि 140 से अधिक लोगों को "अज्ञात" बताया गया. इसी आधार पर पुलिस ने बड़े पैमाने पर FIR दर्ज कर ली. विवाद तब और बढ़ गया जब सामने आया कि FIR में शामिल कई लोग वर्षों से गांव में रहते ही नहीं हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि बिना ठोस जांच के सामूहिक रूप से नाम जोड़ दिए गए हैं, जिससे निर्दोष लोग भी कानूनी पचड़े में फंस गए हैं.
पुलिस की कार्रवाई और स्थिति पर नजर
पुलिस का कहना है कि मामला संवेदनशील है और जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार,"मामला गंभीर है. SC/ST एक्ट के तहत दर्ज शिकायत की जांच की जा रही है. किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन कानून के अनुसार कार्रवाई होगी."
पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और घटना से जुड़े वीडियो व अन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है. गांव में लगातार पुलिस गश्त की जा रही है ताकि तनाव न बढ़े.
ग्रामीणों में नाराजगी
गांव के लोगों का कहना है कि यह विवाद मूल रूप से आर्थिक था, लेकिन इसे जातीय रंग देकर पूरे समुदाय को निशाना बनाया गया. ग्रामीणों ने FIR में दर्ज नामों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
फिलहाल, हरिनगर गांव में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी.


