भारत-पाक युद्ध की आहट? फिरोजपुर में मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा की तैयारियां शुरू

भारत-पाक तनाव के बीच पंजाब में शुरू हुआ मॉक ड्रिल का अभ्यास! फिरोजपुर में आधे घंटे तक ब्लैकआउट ड्रिल की गई. 7 मई को पूरे देश में मॉक ड्रिल का आदेश, क्या है सरकार की तैयारी? जानिए क्या चल रहा है और क्या है इसके पीछे की असली वजह!

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Edited By: Aprajita

India-Pakistan Tension: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मॉक ड्रिल की जा रही हैं. विशेष रूप से पंजाब के सीमावर्ती जिले फिरोजपुर में रविवार से ही मॉक ड्रिल का अभ्यास शुरू हो चुका है. यह कदम भारतीय सरकार की ओर से सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता करने के उद्देश्य से उठाया गया है.

फिरोजपुर में मॉक ड्रिल – आधे घंटे तक किया ब्लैकआउट अभ्यास

पंजाब के फिरोजपुर जिले में रविवार को रात 9 बजे से 9:30 बजे तक ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की गई. इस दौरान शहर के कैंट क्षेत्र में अचानक बिजली काट दी गई और सुरक्षा तैयारियों को परखा गया. इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह था कि अगर कभी युद्ध जैसी स्थिति बनती है तो नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए किस तरह की कार्रवाई की जाए.

7 मई तक मॉक ड्रिल की तैयारी: देशभर में होगा अभ्यास

सुरक्षा तैयारियों को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है. गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को 7 मई तक मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए गए हैं. इस ड्रिल में नागरिक सुरक्षा और ब्लैकआउट जैसी स्थितियों में कार्यवाही की योजना पर ध्यान दिया जाएगा. इसके साथ ही, बठिंडा जिले के डीसी शौकत अहमद परे ने बताया कि मंगलवार को एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें एसएसपी और सिविल डिफेंस के अधिकारियों के साथ मॉक ड्रिल की रूपरेखा तय की जाएगी.

सुरक्षा पर केंद्र सरकार की नजर – PM मोदी की बैठक और नए कदम

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और हाल ही में हुए पहलगाम हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ऑफिस में एक उच्चस्तरीय बैठक की. इस बैठक में देश की सुरक्षा की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई और कई अहम फैसले लिए गए.

पंजाब में मॉक ड्रिल का असर – अन्य जिलों में भी तैयारी शुरू

फिरोजपुर के बाद अब पंजाब के अन्य जिलों में भी मॉक ड्रिल की तैयारी शुरू हो गई है. यह सभी जिलों में मंगलवार को एक रूपरेखा तैयार की जाएगी और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मॉक ड्रिल का संचालन किया जाएगा.

क्या यह तैयारी युद्ध की आहट है?

हालांकि, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को परखना है, लेकिन यह भी सच है कि पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर सुरक्षा को लेकर हमेशा तनाव बना रहता है. अब देखना यह है कि 7 मई को होने वाली मॉक ड्रिल के बाद इस तरह की तैयारियों का असर देशभर में कितना दिखता है और क्या यह किसी बड़ी स्थिति के लिए तैयारी है या सिर्फ एक सामान्य सुरक्षा अभ्यास.

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