UN में भारत का तीखा जवाब, 'हमारा कश्मीर बजट तुम्हारे IMF कर्ज से भी दोगुना'
संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने पाकिस्तान और आर्गनाइजेशन आफ इस्लामिक कोआपरेशन के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताया और IMF कर्ज की तुलना में बड़े विकास बजट का जिक्र किया.

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को कड़े शब्दों में जवाब दिया. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में 'राइट टू रिप्लाई' का इस्तेमाल करते हुए भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान औरइस्लामिक सहयोग संगठन(OIC) के आरोपों को निराधार और प्रोपेगेंडा करार दिया.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में दिए गए अपने बयान में भारतीय प्रतिनिधि ने साफ कहा कि भारत तथ्यों के आधार पर जवाब दे रहा है और पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को वैश्विक मंच पर उजागर करना जरूरी है.
OIC पर तीखा प्रहार,
अनुपमा सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत OIC और पाकिस्तान द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है. उन्होंने कहा कि OIC केवल पाकिस्तान के आरोपों को दोहरा रहा है और खुद को एक देश की राजनीतिक जरूरतों का 'इको चैंबर' बनने दे रहा है.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का लगातार दुष्प्रचार उसकी "ईर्ष्या" को दर्शाता है. भारत ऐसे बयानों को तवज्जो नहीं देना चाहता, लेकिन तथ्यों को स्पष्ट करना आवश्यक है.
जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग
भारत ने दोहराया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा. 1947 के भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कश्मीर का भारत में विलय पूरी तरह कानूनी और अपरिवर्तनीय है.
भारतीय पक्ष ने कहा कि इस क्षेत्र में एकमात्र विवादित मुद्दा पाकिस्तान द्वारा भारतीय क्षेत्र पर किया गया अवैध कब्जा है. पाकिस्तान को तथा कथित पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को तुरंत खाली करना चाहिए.
लोकतंत्र पर पाकिस्तान को आईना
भारत ने पाकिस्तान के लोकतंत्र पर दिए जा रहे बयानों को हास्यास्पद बताया. अनुपमा सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि जिस देश में नागरिक सरकारें मुश्किल से अपना कार्यकाल पूरा कर पाती हैं, उसका लोकतंत्र पर भाषण देना खोखला प्रतीत होता है.
इसके विपरीत, उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हुए आम चुनावों और विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि वहां के लोगों ने आतंकवाद और हिंसा की विचारधारा को नकारकर लोकतंत्र और विकास को चुना है.
'ला-ला लैंड' टिप्पणी और IMF बेलआउट से तुलना
विकास के मुद्दे पर भी भारत ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया. जम्मू-कश्मीर में बने विश्व के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का जिक्र करते हुए कहा गया कि अगर पाकिस्तान इसे नकली मानता है तो वह "ला-ला लैंड" में रह रहा है.
🚨 India DESTROYS Pakistan at the UN Human Rights Council
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) February 26, 2026
Indian diplomat Anupama Singh says Pakistan “lives in a la-la land,” adding: “The development budget of J&K is more than double Pakistan’s full IMF bailout package.” 🔥 pic.twitter.com/zOtdIkfSXY
आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का विकास बजट, पाकिस्तान द्वारा हाल ही में इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) से मांगे गए बेलआउट पैकेज से दोगुने से भी अधिक है.
पाकिस्तान को आंतरिक संकटों पर ध्यान देने की सलाह
अपने वक्तव्य के अंत में भारत ने कहा कि 'स्टेट-स्पॉन्सर्ड टेररिज्म' के जरिए क्षेत्र को अस्थिर करने की पाकिस्तान की कोशिशों के बावजूद जम्मू-कश्मीर राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से तेजी से आगे बढ़ रहा है.
भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आरोप लगाने के बजाय अपने देश के भीतर गहराते संकटों पर ध्यान दे. दुनिया पाकिस्तान के इस “ढोंग” को भली-भांति समझती है.


