JPC रिपोर्ट पर बवाल तय? वक्फ संशोधन बिल को लेकर पप्पू यादव का बड़ा बयान
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर जेपीसी की रिपोर्ट आज (13 फरवरी) लोकसभा और राज्यसभा में पेश होगी. निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इसे लेकर व्यापक चर्चा की जरूरत बताई, जबकि बीजेपी ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला बताया. विपक्ष ने रिपोर्ट को असंवैधानिक करार देते हुए वक्फ बोर्ड को कमजोर करने वाला कदम बताया है.

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट आज यानी 13 फरवरी को लोकसभा और राज्यसभा में पेश होगी. यह वर्तमान बजट सत्र के पहले चरण का अंतिम कामकाजी दिन है. लोकसभा की कार्यवाही सूची के अनुसार, सांसद जगदंबिका पाल इस रिपोर्ट और साक्ष्यों का रिकॉर्ड सदन के पटल पर रखेंगे.
पप्पू यादव की प्रतिक्रिया
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इस विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर किसी भी विधेयक में किसी क्षेत्र, समूह, वर्ग, धर्म या भाषा के खिलाफ कोई फैसला लिया जाता है, तो वह भारत की संस्कृति और संविधान के खिलाफ होगा. उन्होंने कहा कि अगर कोई निर्णय संविधान के आधार पर नहीं लिया जाता है, तो उसका विरोध किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि यदि विधेयक संविधान के अनुरूप है और उसमें देशहित की बात की गई है, तो उसे समर्थन मिलेगा. लेकिन मुझे लगता है कि यह विधेयक बहुत जल्दबाजी में लाया जा रहा है और इस पर व्यापक चर्चा की जरूरत है.
जेपीसी रिपोर्ट को लेकर विवाद
30 जनवरी को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी थी. इस 655 पन्नों की रिपोर्ट को बहुमत से स्वीकार कर लिया गया था. रिपोर्ट में बीजेपी सांसदों के सुझाए गए संशोधन भी शामिल किए गए हैं, जबकि विपक्षी सांसदों के संशोधनों को खारिज कर दिया गया. विपक्षी सांसदों ने इस रिपोर्ट को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि यह वक्फ बोर्ड को कमजोर करने वाला कदम है.
बीजेपी सांसदों का पक्ष
बीजेपी सांसदों का कहना है कि अगस्त 2024 में लोकसभा में पेश किए गए इस विधेयक का मकसद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में आधुनिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है.


