Mahakumbh 2025: भगदड़ के बाद PM मोदी की संवेदनाएं, यूपी सीएम ने कहा- 'स्थिति नियंत्रण में'

प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें कुछ लोग घायल हुए और कुछ ने अपने प्रियजनों को खो दिया. इस हादसे के बाद पीएम मोदी ने संवेदना व्यक्त की और घायलों की जल्दी स्वस्थ होने की कामना की. वहीं, सीएम योगी ने स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही, लेकिन विपक्ष ने कुप्रबंधन और वीआईपी संस्कृति का आरोप लगाया. क्या इससे भी बड़ी समस्याओं का सामना कर रहा महाकुंभ? जानें पूरी जानकारी.

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Edited By: Aprajita

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान संगम पर एक भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कुछ श्रद्धालु घायल हो गए और कुछ अपने प्रियजनों को खो बैठे. इस हादसे के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और कहा कि घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की सहायता में जुटा हुआ है. यह घटना उस वक्त हुई जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु अमृत स्नान के लिए संगम पर पहुंचे थे.

CM योगी आदित्यनाथ का बयान: स्थिति नियंत्रण में

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति को नियंत्रण में बताया और कहा कि कुछ श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि आज लगभग आठ से दस करोड़ श्रद्धालु अमृत स्नान के लिए संगम पर पहुंचे थे, और उन्होंने सभी से सतर्क रहने की अपील की. इस दौरान, कई लोग घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

विपक्षी दलों का आरोप: कुप्रबंधन और वीआईपी संस्कृति

विपक्षी दलों ने इस घटना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र को दोषी ठहराया है. उनका कहना है कि "कुप्रबंधन" और "वीआईपी संस्कृति" के कारण यह हादसा हुआ. कई लोग मानते हैं कि आयोजनों में उचित व्यवस्थाओं की कमी के कारण इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न हुई.

संगम पर दूसरा ‘अमृत स्नान’ और भारी सुरक्षा व्यवस्था

भगदड़ के कुछ घंटों बाद, संगम पर संतों ने दूसरा 'अमृत स्नान' किया. इस दौरान, संगम पर भारी सुरक्षा तैनात की गई थी, ताकि सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. पुलिस द्वारा अखाड़ों के लिए मार्ग प्रशस्त किया गया था, जिससे श्रद्धालु आसानी से स्नान करने के लिए संगम तक पहुंच सके.

अखाड़ों के संतों की उपस्थिति

इस बीच, प्रमुख संतों जैसे ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और श्रृंगेरी पीठाधीश्वर स्वामी विदुशेखर भारती ने संगम पर पहुंचकर स्नान किया. उनके साथ अन्य संत भी मौजूद थे. इस दौरान संगम पर भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अधिकारियों ने स्थिति पर पूरी निगाह रखी. महाकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में इस प्रकार की घटनाओं के बाद प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है. इस घटना ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचने के लिए और बेहतर व्यवस्थाएं बनाई जानी चाहिए.

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