4G, 5G और 6G की तरह अब सैट-G भी, अश्वनी वैष्णव ने स्टारलिंक का भारत में किया स्वागत

एयरटेल और जियो दोनों ने भारत में सैटेलाइट-आधारित ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए स्टारलिंक के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. जिसके बाद भारत के केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए भारत में स्टारलिंक का स्वागत किया है. साथ ही इसे भारत के दूरदराज इलाकों के लिए महत्वपूर्ण बताया है.

Kamal Kumar Mishra

Starlink in India: केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एलन मस्क के स्टारलिंक का भारत में स्वागत किया है. इसको लेकर उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा की है. मंत्री के इस पोस्ट के बाद लोगों का कहना है कि यह इस बात का संकेत है कि एलन मस्क की स्टारलिंक जल्द ही भारत में प्रवेश करने वाली है, केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर कंपनी के लिए एक स्वागत संदेश पोस्ट किया है.

एयरटेल और जियो, जो भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार ऑपरेटर हैं, दोनों ने सैटेलाइट-आधारित ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाओं की पेशकश करने के लिए स्टारलिंक के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन ये समझौते एलन मस्क की कंपनी को देश में परिचालन करने के लिए केंद्र से प्राधिकरण मिलने पर निर्भर हैं.

अश्वनी वैष्णव ने पोस्ट में क्या लिखा?

बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में आई मंत्री अश्वनी वैष्णव जो रेल मंत्री भी हैं, ने लिखा, "स्टारलिंक, भारत में आपका स्वागत है! दूरदराज के क्षेत्र की रेलवे परियोजनाओं के लिए उपयोगी होगा." मंगलवार को, एयरटेल ने घोषणा की कि उसने भारत में स्टारलिंक की सेवाएं लाने के लिए एलोन मस्क के स्पेसएक्स के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, और कहा कि यह भारत के सबसे दूरदराज के ग्रामीण कोनों में समुदायों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य संस्थानों को जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा. 

भारतीयों को उपग्रह से मिलेगा इंटरनेट

भारती एयरटेल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और उपाध्यक्ष गोपाल विट्टल ने कहा, "भारत में एयरटेल ग्राहकों को स्टारलिंक की पेशकश करने के लिए स्पेसएक्स के साथ काम करना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह अगली पीढ़ी की उपग्रह कनेक्टिविटी के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है."

भारत में अब सैट-जी भी

भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल ने कहा, "भविष्य में 4जी, 5जी और 6जी की तरह ही अब हमारे पास एक और तकनीक होगी, वह है सैट-जी."

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