ट्विशा शर्मा केस में बड़ा अपडेट, AIIMS भोपाल में शुरू हुआ दूसरा पोस्टमार्टम
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद भोपाल में दूसरा पोस्टमार्टम शुरू हो गया है. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली एम्स से आई चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम दोबारा जांच कर रही है.

भोपाल: अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब और भी संवेदनशील और चर्चित हो गया है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद रविवार सुबह एम्स भोपाल में उनका दूसरा पोस्टमार्टम शुरू किया गया. दिल्ली एम्स से आई विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम दोबारा जांच कर रही है. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम शनिवार रात भोपाल पहुंची.
डॉक्टरों की यह टीम मौत के कारण, शरीर पर मौजूद चोटों और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है. ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं. इस घटना के बाद से मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. परिवार ने शुरुआत से ही मौत को संदिग्ध बताते हुए दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे.
पति और सास पर पहले ही दर्ज हो चुकी है FIR
इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं, जबकि गिरिबाला सिंह पूर्व जिला न्यायाधीश रह चुकी हैं. मामले की संवेदनशीलता इसी बात से समझी जा सकती है कि अब इसकी जांच को लेकर कई स्तरों पर कार्रवाई हो रही है. ट्विशा के परिवार का कहना है कि शुरुआती जांच में कई अहम सवालों को नजरअंदाज किया गया. इसी वजह से उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम और स्वतंत्र जांच की मांग उठाई थी. हाईकोर्ट ने परिवार की दलीलों को गंभीर मानते हुए नए पोस्टमार्टम का आदेश दिया.
अंतिम संस्कार भोपाल में होगा
ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दूसरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका अंतिम संस्कार भोपाल में ही किया जाएगा. परिवार फिलहाल जांच पूरी होने का इंतजार कर रहा है. परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अंकुर पांडे ने बताया कि इस बार डॉक्टरों की टीम विशेष रूप से शरीर पर मिले निशानों, चोटों और मौत से पहले की परिस्थितियों पर ध्यान दे रही है. उनका कहना है कि दूसरे पोस्टमार्टम से कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं.
सीबीआई जांच की सिफारिश
मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है. ट्विशा के पिता ने इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार जताया. परिवार का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच से उनकी बेटी को न्याय मिलेगा. जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि समर्थ सिंह कथित तौर पर 10 दिनों तक फरार कैसे रहे और उन्हें किसने मदद पहुंचाई. पुलिस इस दौरान उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने मामले में हस्तक्षेप करने की कोशिश की.
सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
इस मामले ने तब और बड़ा मोड़ ले लिया जब सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया. शीर्ष अदालत ने मीडिया रिपोर्ट्स और कथित प्रक्रियागत गड़बड़ियों को गंभीर मानते हुए मामले पर स्वतः संज्ञान लिया. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी.
सुप्रीम कोर्ट में दर्ज मामले का शीर्षक भी इस केस की गंभीरता को दर्शाता है, जिसमें एक युवती की संदिग्ध मौत और संस्थागत पक्षपात की आशंका का जिक्र किया गया है. शनिवार को स्थानीय अदालत ने समर्थ सिंह को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. पुलिस अब उनसे लगातार पूछताछ कर रही है. दूसरी ओर गिरिबाला सिंह का कहना है कि पुलिस ने अभी तक उनका औपचारिक बयान दर्ज नहीं किया है.


